भागलपुर और सुपौल में बड़ी घटना: संदिग्ध मौत और अस्पताल में वसूली का मामला आया सामने

सुपौल के राघोपुर में एक 19 साल की नवविवाहिता प्रीति कुमारी की संदेहास्पद स्थिति में मौत हो गई है। इसके बाद पति और ससुराल वाले फरार हो गए हैं। वहीं धरहरा स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के नाम पर पैसे मांगने का गंभीर आरोप लगा है।
सुपौल जिले के राघोपुर में राधानगर वार्ड 4 के ऋषिदेव टोला में बुधवार रात को 19 साल की नवविवाहिता प्रीति कुमारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
घटना के बाद मृतका का पति अमलेश सदा, सास और ससुर गुलेर सदा घर छोड़कर फरार हो गए हैं।
मृतका के मायके वालों ने पति और ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।
प्रीति कुमारी की शादी 13 जनवरी को हुई थी और चंपानगर वार्ड 2 के रहने वाले अमलेश सदा से उसकी शादी को लगभग आठ महीने हुए थे।
यह घटना पति की दादी के अंतिम संस्कार की रात को ही हुई।
राघोपुर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार पति तथा ससुराल वालों की तलाश कर रही है।
धरहरा स्वास्थ्य केंद्र में वसूली के आरोप
एक अन्य मामले में धरहरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में चिकित्सा कदाचार के आरोप सामने आए हैं।
गोविंदपुर की रहने वाली आशा देवी ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब वह अपनी बहन पिंकी कुमारी को 23 सितंबर की रात लगभग 8:00 बजे प्रसव के लिए सीएचसी लाई थीं, तो ड्यूटी पर तैनात स्टाफ जीएनएम नूतन कुमारी और एएनएम सबिता कुमारी ने प्रसव कराने के लिए 2,000 रुपये की मांग की।
परिवार का आरोप है कि जब वे पूरी राशि देने के लिए तैयार नहीं हुए, तो डॉक्टर महेंद्र कुमार ने रात लगभग 10:30 बजे मरीज को सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
एक वायरल वीडियो में परिवार कथित वसूली को लेकर चिकित्सा स्टाफ और डॉक्टर महेंद्र कुमार से आमने-सामने बहस करता हुआ नजर आया।
रेफर किए जाने के बावजूद मरीज अस्पताल से बाहर नहीं गई।
रात लगभग 11:00 बजे, प्रसव पीड़ा बढ़ने के बाद, ममता कार्यकर्ताओं और अन्य स्टाफ की मदद से उसी सीएचसी में सफल सामान्य प्रसव कराया गया।
प्रखंड चिकित्सा प्रभारी डॉ. अविनाश कुमार ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि उचित कार्रवाई के लिए जांच की जाएगी।