भागलपुर में गंदगी फैलाने वालों पर लगेगा 5000 का जुर्माना, नगर निगम ने तैयार की 5000 लोगों की लिस्ट

Pooja Kanjani19 February 20262 min read27 viewsCity Local
भागलपुर में गंदगी फैलाने वालों पर लगेगा 5000 का जुर्माना, नगर निगम ने तैयार की 5000 लोगों की लिस्ट

भागलपुर में स्वच्छता सर्वेक्षण 2026 की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। केंद्रीय टीम के आगमन को देखते हुए नगर निगम प्रशासन अब हरकत में आ गया है। शहर को साफ-सुथरा दिखाने के लिए निगम ने सख्ती बरतना शुरू कर दिया है और गंदगी फैलाने वाले ‘आदतन’ लोगों की पहचान भी कर ली है। हालांकि, जमीन पर सफाई व्यवस्था की हालत अभी भी चिंताजनक है क्योंकि लाखों रुपये के संसाधन गोदामों में धूल फांक रहे हैं। मार्च महीने में ही सर्वेक्षण के लिए टीम शहर का दौरा करेगी।

गंदगी फैलाने पर कितना जुर्माना देना होगा?

नगर निगम ने अपनी रैंकिंग सुधारने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। निगम ने ऐसे 5000 लोगों और संस्थाओं की लिस्ट बनाई है जो बार-बार गंदगी फैलाते हैं या अतिक्रमण करते हैं। इन पर अब भारी जुर्माना लगाया जाएगा। नए नियमों के अनुसार जुर्माने की राशि इस प्रकार है:

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  • प्लास्टिक कचरा: ऐतिहासिक या धार्मिक स्थलों पर प्लास्टिक फेंकने पर 5,000 रुपये का जुर्माना।
  • सार्वजनिक जगह पर थूकना: सड़क पर थूकने पर 100 रुपये का चालान।
  • पोस्टर-बैनर: बिना अनुमति के पोस्टर लगाने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना और एफआईआर (FIR)।
  • सेप्टिक टैंक: खुले में गंदगी फेंकने पर 1,600 से 2,500 रुपये का जुर्माना।

सफाई व्यवस्था और डस्टबिन का क्या हाल है?

एक तरफ जहां जनता पर सख्ती की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ निगम के अपने संसाधन बर्बाद हो रहे हैं। शहर की सफाई पर हर महीने करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, फिर भी गलियों में कूड़े का अंबार दिखता है। रिपोर्ट के मुताबिक, 75,000 घरों में डस्टबिन बांटे जाने थे, लेकिन अभी भी 40,000 से ज्यादा डस्टबिन निगम के गोदाम में पड़े-पड़े सड़ रहे हैं।

शहर में कचरा उठाने वाले लगभग 200 ठेले और 40 ई-रिक्शा खराब हालत में हैं। डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ियां समय पर नहीं पहुंच रही हैं, जिससे लोग सड़कों पर ही कचरा फेंकने को मजबूर हैं। गीले और सूखे कचरे को अलग नहीं किया जा रहा, जिससे भूतनाथ स्थित खाद बनाने वाली यूनिट भी सही से काम नहीं कर पा रही है।

कब आएगी जांच टीम और जनता की क्या भूमिका है?

स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए 3,000 से ज्यादा लोगों की एक विशेष टीम मध्य फरवरी से मार्च 2026 के बीच शहर का दौरा करेगी। इस बार सर्वेक्षण में आम लोगों की राय बहुत महत्वपूर्ण होगी। ‘सिटीजन फीडबैक’ के लिए 1,000 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसका मतलब है कि टीम सीधे लोगों को फोन करके या मिलकर पूछेगी कि उनका मोहल्ला कितना साफ है। सिर्फ कागजी कार्रवाई से इस बार काम नहीं चलेगा।

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