भागलपुर में बड़ा घोटाला! 17 हजार शिक्षकों की होगी जांच

MyBhagalpur Team12 October 20261 min read0 viewsSad/Bad
भागलपुर में बड़ा घोटाला! 17 हजार शिक्षकों की होगी जांच

भागलपुर शिक्षा विभाग में 98.12 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आने के बाद बिहार सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घोटाला 'तनुश्री' नाम के फर्जी शिक्षक के जरिए हुआ था।

  • 17,338 शिक्षकों के सेवा रिकॉर्ड, बैंक खाते और वेतन की होगी जांच।
  • 24 से अधिक प्रधानाध्यापकों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी।
  • दो मुख्य आरोपी पुलिस हिरासत में।

घोटाले का खुलासा और गिरफ्तारियां

जांच में पता चला कि कंप्यूटर ऑपरेटर अविनाश राज ने फर्जी शिक्षक आईडी बनाकर सरकारी पैसे निकाले। 10 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि चंदन चौधरी और अविनाश राज को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। डीडीसी रवि राकेश की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने जिला मजिस्ट्रेट अलंकृत पांडेय को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, जिसमें कहा गया है कि जिला शिक्षा कार्यालय से महत्वपूर्ण फाइलें गायब हो गई हैं। शुरुआती एफआईआर में डीईओ चंदन कुमार, डीपीओ शशि चंदन चौधरी और क्लर्क शिशिर कुमार झा सहित कई अधिकारियों के नाम शामिल हैं।

आगे की कार्रवाई और वेतन पर असर

वित्त विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार ने शिक्षा सचिव को पूरे बिहार में वेतन और भत्तों के लिए सख्त डेटा सत्यापन का निर्देश दिया है। क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक सुभाष कुमार गुप्ता ने पुष्टि की है कि राज्य मुख्यालय से दिशा-निर्देश मिलते ही जिला स्तरीय जांच शुरू होगी। 11 अक्टूबर 2026 को गुप्ता ने भागलपुर और बांका कार्यालयों में तैनात छह लिपिकों की प्रतिनियुक्ति समाप्त कर दी और उन्हें अपने मूल संवर्ग में लौटने का आदेश दिया। इन गिरफ्तारियों के कारण सितंबर महीने के लिए 4,000 शिक्षकों का वेतन अस्थायी रूप से रुक गया है क्योंकि प्रशासनिक कामकाज प्रभावित हुआ है।

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