भागलपुर में शिक्षकों का महाधमाका: पुरानी पेंशन और वेतन के लिए डीएम कार्यालय पर हल्ला बोल

भागलपुर में 26 सितंबर को बिहार पंचायत-नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के आह्वान पर डीएम कार्यालय के सामने एक दिन का बड़ा धरना-प्रदर्शन किया गया। नियोजित शिक्षकों पर सरकार की दोहरी नीति के विरोध में सैकड़ों शिक्षक जमा हुए और जमकर नारेबाजी की। इस आंदोलन में जिले के अलग-अलग प्रखंडों से सैकड़ों शिक्षक, महिला शिक्षिकाएं और संघ के बड़े अधिकारी शामिल हुए।
प्रमुख बातें:
- भागलपुर डीएम कार्यालय के समक्ष शिक्षकों का विशाल धरना-प्रदर्शन
- नियोजित शिक्षकों पर सरकार की दोहरी नीति का जोरदार विरोध
- पुराना वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग
- स्नातक ग्रेड में प्रोन्नति और सेवा निरंतरता का लाभ देने की मांग
- मांगें पूरी न होने पर पटना में महासत्याग्रह की चेतावनी
प्रदेश अध्यक्ष का सरकार पर हमला
धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष पूरण कुमार ने सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार नियोजित शिक्षकों के साथ लगातार सौतेला व्यवहार और दोहरी नीति अपना रही है। एक ही विद्यालय में समान कार्य करने वाले शिक्षकों के बीच भेदभाव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब तक सरकार हमारी जायज मांगों पुराना वेतनमान और पुरानी पेंशन को पूरा नहीं करती, तब तक संघ का यह आंदोलन थमेगा नहीं। हम अपना अधिकार लेकर रहेंगे।
जिला सचिव की चेतावनी
सभा का संचालन करते हुए भागलपुर के जिला सचिव वीर शिवाजी ने स्थानीय शिक्षकों को एकजुट रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भागलपुर के शिक्षक आज सड़क पर उतरकर यह साफ संदेश दे चुके हैं कि वे अपनी उपेक्षा अब और सहन नहीं करेंगे। पुराना वेतनमान, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, स्नातक ग्रेड में अविलंब प्रोन्नति और सेवा निरंतरता का लाभ हमारा कानूनी हक है। अगर सरकार ने जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा और हम पटना की धरती पर महासत्याग्रह करेंगे। इस मौके पर सभी ने एक सुर में सरकार से अपनी मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की अपील की।