भागलपुर: तकनीकी गलती से मिला एक्स्ट्रा वेतन, 381 शिक्षकों ने लौटाए 1.60 करोड़ रुपये
भागलपुर के 381 शिक्षकों को तकनीकी खराबी से ज्यादा वेतन मिला, अब 1.60 करोड़ रुपये वापस करने का आदेश।

बिहार के भागलपुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां तकनीकी गड़बड़ी के कारण सैकड़ों शिक्षकों के खातों में जरूरत से ज्यादा वेतन चला गया। अब जिला शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाते हुए यह पैसा वापस मांगा है, जिसके बाद 381 शिक्षकों ने करीब 1.60 करोड़ रुपये की राशि डिमांड ड्राफ्ट के जरिए विभाग को वापस लौटा दी है। यह पूरा मामला वेतन डेटा के माइग्रेशन के दौरान हुई एक बड़ी चूक से जुड़ा है।
दरअसल, जब वेतन भुगतान का डेटा 'कॉम्प्रिहेंसिव फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम' (CFMS) से 'ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम' (HRMS) में ट्रांसफर किया गया, तब प्रशासनिक और तकनीकी खामियों की वजह से कई शिक्षकों को हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और सिटी ट्रांसपोर्ट अलाउंस (CTA) के नाम पर अतिरिक्त भुगतान मिल गया। जांच में पता चला कि कुछ शिक्षकों को महज 181 रुपये ज्यादा मिले, जबकि कुछ के मामले में यह राशि 4 लाख रुपये तक पहुंच गई।
लापरवाही पर सख्त एक्शन और चेतावनी
विभाग ने इस रिकवरी के लिए समय सीमा तय की थी, जिसे बाद में 6 नवंबर तक बढ़ा दिया गया। प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) महेश प्रसाद और क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक (RDDE) सुभाष गुप्ता ने साफ चेतावनी दी है कि जो शिक्षक तय समय के भीतर यह अतिरिक्त राशि वापस नहीं करेंगे, उनके खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। हालांकि, कई शिक्षक इस प्रक्रिया से काफी परेशान हैं और बार-बार कागजात जमा करने की मांग को लेकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं।
इसी बीच, शिक्षा विभाग एक और बड़े घोटाले की जांच कर रहा है। मामला 'तनुश्री' नाम की एक फर्जी शिक्षिका के नाम पर 98.12 लाख रुपये के अवैध भुगतान का है। इस गंभीर लापरवाही के चलते जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। विभाग अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि आखिर सिस्टम में इतनी बड़ी खामियां कैसे आईं।