भागलपुर के 4000 शिक्षकों की सैलरी रुकी, फर्जीवाड़े के बाद मचा हड़कंप, जानें क्या है पूरा मामला

भागलपुर जिले के करीब 4,000 नियमित और विशेष स्तर के कर्मचारियों की सितंबर महीने की सैलरी रुक गई है, जिससे वे भारी आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। यह कार्रवाई HRMS पोर्टल पर फर्जी एंट्री के जरिए हुए एक बड़े घोटाले के खुलासे के बाद की गई है।
मुख्य बातें:
- 4,000 शिक्षकों की सितंबर की सैलरी रुकी।
- 'तनुश्री' नाम की फर्जी आईडी से 98.12 लाख रुपये के गबन का मामला सामने आया।
- ट्रेजरी से लौटे बिल में 72 लाख रुपये का अतिरिक्त फर्जी भुगतान पकड़ा गया।
- 17,338 शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड का वेरिफिकेशन किया जा रहा है।
फर्जीवाड़े का खुलासा और जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा कार्यालय ने 17,338 शिक्षकों के सर्विस रिकॉर्ड के व्यापक सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है। शिक्षक अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण और HRMS कर्मचारी आईडी जमा करने के लिए बीईओ (BEO) कार्यालयों में भीड़ लगा रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देशानुसार, स्कूल प्रिंसिपलों को 13 अक्टूबर 2026 तक पूरी सर्विस फाइल जमा करनी होगी, जबकि ब्लॉक स्तर की समेकित रिपोर्ट 21 अक्टूबर 2026 तक स्थापना शाखा को देनी होगी।
सख्त ऑडिट और तकनीकी जांच
भागलपुर के क्षेत्रीय उप शिक्षा निदेशक सुभाष कुमार गुप्ता ने आदेश दिया है कि भविष्य में CFMS/HRMS पोर्टल के माध्यम से भुगतान करने से पहले भागलपुर और बांका जिलों में सभी वेतन और भत्तों का कड़ा ऑडिट किया जाए। डीपीओ (स्थापना) के नेतृत्व में एक विशेष टीम सिस्टम की कमियों की जांच कर रही है, खासकर 'मेकर, चेकर और अप्रूवर' खातों के पासवर्ड बदलते समय अलर्ट नोटिफिकेशन न मिलने की समस्या पर ध्यान दिया जा रहा है।
संदिग्ध शिक्षकों पर कार्रवाई
अधिकारियों ने ई-शिक्षाकोश पोर्टल पर 24 से अधिक शिक्षकों की संदिग्ध उपस्थिति पाई है। इन शिक्षकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी है और इनका वेतन रोकने की प्रक्रिया चल रही है।
शिक्षक संगठनों का विरोध
शिक्षक यूनियनों ने इस स्थिति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि जांच जरूरी है, लेकिन त्योहारी सीजन में कानून का पालन करने वाले ईमानदार शिक्षकों का वेतन रोकना गलत है।