भागलपुर के बाजारों में हरितालिक तीज व्रत और चौठचन पर्व की तैयारी को लेकर रविवार देर शाम तक भारी चहल-पहल रही। शहर के अलग-अलग गंगा घाटों पर अनुष्ठानिक स्नान के लिए काफी संख्या में लोग जुटे। सोमवार को महिलाएं निर्जला उपवास रखेंगी, सोलह शृंगार करेंगी और बांस की टोकरियों में फल व पकवान सजाएंगी। वैरायटी चौक, लोहपट्टी और स्थानीय पुल के नीचे जैसे प्रमुख खरीदारी क्षेत्रों में भारी भीड़ रही, जहां पूजा का सामान बेचने वाले दुकानदारों के पास ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ी। खलीफाबाग चौक और वैरायटी चौक के बीच ट्रैफिक जाम बहुत गंभीर था, जिससे पैदल चलने वालों को आने-जाने में परेशानी हुई।
त्योहार के सामान के बाजार भाव ऊंचे रहे। बांस की टोकरी 30 रुपये प्रति पीस बिकी, जबकि शृंगार पैकेट 10 रुपये से शुरू हुए। शिव-पार्वती की कच्ची मिट्टी की मूर्तियां 50 से 100 रुपये के बीच बिकीं। दुपट्टे और मालाओं की कीमत 10 रुपये से शुरू होकर आकार के अनुसार रही। फलों के दाम भी अधिक थे: केला 20 से 70 रुपये दर्जन, सेब 100 से 140 रुपये किलो, अनार 160 रुपये किलो, अमरूद 120 रुपये किलो और सिंघाड़ा 40 रुपये पाव बिका।
ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज कुमार मिश्रा ने बताया कि पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि रविवार सुबह 7:16 बजे शुरू हुई और सोमवार सुबह 7:18 बजे तक रहेगी। तीज व्रत की पूजा प्रदोष काल में की जाती है और महिलाएं दोपहर 3:00 बजे से शाम 7:00 बजे के बीच पूजा कर सकती हैं। यह व्रत सुहागिन महिलाओं और कुंवारी कन्याओं दोनों के लिए विशेष महत्व रखता है। पंडित मिश्रा ने आगे बताया कि भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि के साथ सोमवार को चौठचन पर्व भी मनाया जाएगा। परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के लिए भक्त सूर्यास्त के बाद पूजा करेंगे और चंद्रमा को अर्घ्य देंगे।