सरकार ने 1 अक्टूबर से मरम्मत के लिए विक्रमशिला सेतु को बंद करने का फैसला किया है। इस काम की तैयारी चल रही है। भागलपुर के व्यापारियों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। व्यापारियों का कहना है कि इससे अक्टूबर और नवंबर के त्योहारों के समय स्थानीय बाजार पर बहुत बुरा असर पड़ेगा और भारी आर्थिक नुकसान होगा।
भागलपुर आने वाले करीब 60 प्रतिशत खरीदार गंगा के उत्तर के जिलों जैसे नवगछिया, मधेपुरा, खगड़िया और कटिहार से आते हैं। ईस्टर्न बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष शरद सालारपुरिया ने बताया कि थोक कपड़ा व्यापारियों ने माल मंगा लिया है, लेकिन खुदरा व्यापार को भारी नुकसान होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बाजार प्रभावित हुआ, तो खरीदार गंगा के उत्तर के दूसरे बाजारों में जा सकते हैं, जिससे भागलपुर के व्यापार को लंबा नुकसान होगा। उन्होंने कहा कि पुल की मरम्मत जरूरी है, लेकिन समय सही नहीं है।
ज्वेलर्स एसोसिएशन के विशाल आनंद ने कहा कि सर्राफा बाजार धनतेरस और दिवाली पर नदी के पार के ग्राहकों पर बहुत निर्भर करता है। उन्होंने चेतावनी दी कि पुल बंद होने से आभूषण कारोबार को करोड़ों का नुकसान होगा। आनंद ने सरकार से अपील की कि वह छठ पूजा के बाद तक पुल बंद करने का फैसला टाल दें। सब्रांग मॉल के मालिक किशोर घोष ने कहा कि इस फैसले पर फिर से विचार होना चाहिए क्योंकि इससे दुकानदारों और ग्राहकों दोनों को परेशानी होगी। ईस्टर्न बिहार रेडीमेड होजरी एसोसिएशन के अध्यक्ष रामगोपाल पोद्दार ने बताया कि एसोसिएशन ने पत्र लिखकर मांग की है कि पुल को छठ पूजा के बाद ही बंद किया जाए।