भागलपुर में बिहार स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की 9.1 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा होने से आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण में बड़ी बाधा आ रही है। इस जमीन पर बाउंड्री वॉल न होने के कारण एक बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया गया है। अधिकारियों के सामने इस जमीन को खाली कराना एक बड़ी चुनौती बन गया है, जबकि प्रस्तावित आधुनिक बस स्टैंड के लिए केवल 2.7 एकड़ जमीन की जरूरत है।
पिछले प्रबंधकों ने अतिक्रमण को लेकर पत्राचार किया था, लेकिन स्थानीय प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
इसके परिणामस्वरूप सरकारी संपत्ति पर अवैध निर्माण लगातार बढ़ता गया और बड़े-बड़े भवन खड़े हो गए। तिलकामांझी स्थित सरकारी बस स्टैंड दशकों से भागलपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों के मुख्य परिवहन केंद्र के रूप में काम कर रहा है।
विक्रमशिला सेतु के ढहने से पहले पूर्णिया के लिए रोजाना 20 से अधिक बसें चलती थीं, जो अब घटकर शून्य हो गई हैं।
भागलपुर-पूर्णिया बस सेवा के बंद होने से विभाग को राजस्व का भारी नुकसान हुआ है। आधुनिक बस स्टैंड प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के प्रयास शुरू होने के साथ ही अतिक्रमणकारियों को हटाने का दबाव बढ़ गया है। स्टेट ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के मैनेजर आशीष कुमार पांडे ने बताया कि इन अतिक्रमणों को हटाने के लिए अभी आधिकारिक पत्राचार किया जा रहा है।