भागलपुर में बाढ़ से बेघर हुए लोगों को आश्रय देने के लिए प्रशासन विवाह बाल निकेतन मैदान को तेजी से तैयार कर रहा है। 1 सितंबर 2026 तक साफ-सफाई का काम चल रहा है, जिसमें झाड़ियों को साफ करना और मवेशियों के लिए खास इंतजाम करना शामिल है ताकि यह जगह रहने लायक बन सके।
तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) क्षेत्र के गांवों में 31 अगस्त 2026 से ही बाढ़ का पानी घुसने लगा था, जिसके बाद यह तैयारी शुरू हुई। इससे पहले मद्राuni गांव के लोगों ने बताया कि बाढ़ का पानी उनके घरों में घुस गया था, जिससे 700 से ज्यादा परिवारों को छतों या रेलवे ट्रैक पर शरण लेनी पड़ी।
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और जिला आपदा प्रबंधन विभाग से तुरंत मदद की गुहार लगाई है।
इसमें नाव सेवा, पीने का साफ पानी, खाना, जानवरों के लिए चारा, मेडिकल सुविधा और टूटे हुए बांध को पक्का बनवाना शामिल है। हालांकि प्रशासन को पहले साफ निर्देश न होने पर आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस जगह पर पहले भी मानवीय मदद पहुंचाई गई थी। 28 अगस्त 2026 को बाल निकेतन स्कूल और यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रोफेसर देव ज्योति मुखर्जी के नेतृत्व में बाढ़ पीड़ितों को खाना बांटा गया था। इस कार्यक्रम के दौरान खानकाह पीर दमरिया शाह के सज्जादानशीं सैयद शाह फखरे आलम हसन ने इंसानी मदद के महत्व पर जोर दिया। इसके अलावा, एक्शनऐड एसोसिएशन द्वारा भी सूखा राशन, साफ-सफाई की सामग्री और रहने की मदद पहुंचाई गई है।