भागलपुर में शुक्रवार को मौसम सूखा रहा और तेज धूप खिली रही। दोपहर में लोगों को उमस का अहसास हुआ और शाम ढलते ही तापमान में गिरावट आई। शाम से सुबह तक ओस गिरने से हल्की ठंडक आ गई है, जिससे दिन और रात के तापमान का अंतर बढ़ गया है। 23 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 30.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 20 डिग्री से नीचे गया है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 24 से 26 अक्टूबर तक दक्षिण बिहार के जिलों में मौसम साफ और सूखा रहने की उम्मीद है। हालांकि, 27 से 28 अक्टूबर के बीच हल्की बारिश की संभावना है। यह बदलाव बंगाल की खाड़ी के ऊपर बनने वाले कम दबाव के क्षेत्र के कारण है, जिससे दक्षिण भारत के राज्यों में भारी बारिश होगी और बिहार, झारखंड तथा पश्चिम बंगाल पर इसका आंशिक असर पड़ेगा। इसके अलावा, पश्चिमी विक्षोभ और पछुआ हवाओं से पूर्वी बिहार और आसपास के क्षेत्रों में मौसम बदलने का अनुमान है।
बीएयू सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल ऑफिसर डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि धान की फसल अभी मिल्किंग स्टेज में है। रात के तापमान में गिरावट और ओस से पर्याप्त नमी मिल रही है, जिससे सिंचाई की जरूरत नहीं है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे गंधि कीट के लिए फसलों की निगरानी करें। रबी फसलों के लिए, किसानों को सरसों की बुआई को प्राथमिकता देने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, खासकर गंगा और कोसी नदी घाटियों में बाढ़ का पानी उतरने के बाद खाली हुई जमीन पर, क्योंकि ओस से बीजों का अंकुरण बेहतर होगा।
मौसम बदलने से बच्चों और बुजुर्गों में सर्दी, खांसी, बुखार और जोड़ों के दर्द जैसी सांस और अन्य बीमारियां बढ़ रही हैं, जिसे लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। जेएलएनएमसीएच के मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. राज कमल चौधरी ने सलाह दी है कि कमजोर वर्ग के लोग शाम से सुबह तक गर्म कपड़े पहनें और ठंडा पानी या ऐसी चीजें खाने से बचें जिससे बीमारी बढ़ सकती है।