भागलपुर की महिलाओं ने पकड़ी डिजिटल रफ्तार, इंटरनेट इस्तेमाल करने वालों की संख्या लगभग दोगुनी
NFHS-6 रिपोर्ट के अनुसार भागलपुर की महिलाओं के इंटरनेट उपयोग और बैंक खातों की संख्या में बड़ी वृद्धि हुई है।

भागलपुर जिले की महिलाओं के लिए डिजिटल दुनिया अब पहले से कहीं अधिक सुलभ हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-6 (NFHS-6) की जिला स्तरीय रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला और सकारात्मक बदलाव सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, भागलपुर महिलाओं की डिजिटल साक्षरता में जबरदस्त सुधार हुआ है, जिससे वे अब तकनीक के जरिए खुद को सशक्त बना रही हैं।
सर्वे के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि जिले में इंटरनेट का उपयोग करने वाली महिलाओं का प्रतिशत 34.7% से बढ़कर अब 64.1% हो गया है। यह वृद्धि लगभग दोगुनी है, जिसने महिलाओं के लिए शिक्षा, जरूरी जानकारी और ऑनलाइन सेवाओं तक पहुंच को पहले से कहीं आसान बना दिया है। केवल इंटरनेट ही नहीं, बल्कि मोबाइल फोन के मालिकाना हक में भी इजाफा हुआ है, जो 62.1% से बढ़कर 66% तक पहुंच गया है।
वित्तीय आजादी और सरकारी योजनाओं का असर
डिजिटल क्रांति के साथ-साथ महिलाओं की वित्तीय स्थिति में भी बड़ा सुधार देखा गया है। बैंक खातों के मामले में भागलपुर की महिलाएं अब काफी आगे हैं। सर्वे के अनुसार, बैंक खाता रखने वाली महिलाओं का प्रतिशत 78% से बढ़कर 93.4% हो गया है। इस बदलाव के पीछे कई अहम कारण माने जा रहे हैं:
- गैस सब्सिडी का सीधा लाभ।
- आवास योजनाओं का क्रियान्वयन।
- शिक्षा विभाग के लाभार्थी कार्यक्रम।
- UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) का बढ़ता चलन।
हालांकि, पुरुषों और महिलाओं के बीच डिजिटल अंतर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। पुरुषों में इंटरनेट उपयोग 57.4% से बढ़कर 79.1% हुआ है, जबकि महिलाओं में यह 34.7% से 64.1% हुआ। यानी पुरुष अभी भी आगे हैं, लेकिन यह अंतर अब तेजी से कम हो रहा है।
TMBU के पीजी समाजशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुबीना ने इस ट्रेंड पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि व्यक्तिगत मोबाइल फोन और बैंक खातों की उपलब्धता महिलाओं के आर्थिक और डिजिटल सशक्तिकरण के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि हालांकि प्रगति सकारात्मक है, लेकिन इस अंतर को पूरी तरह मिटाने के लिए अभी और अधिक जागरूकता और तकनीकी प्रशिक्षण की आवश्यकता है। कुल मिलाकर, NFHS-6 के आंकड़े भागलपुर की महिलाओं की बढ़ती आत्मनिर्भरता की एक सुखद तस्वीर पेश करते हैं।