अग्निपथ सेवा विस्तार का स्वागत, अब 10 साल की नौकरी और स्थायी दर्जे की मांग
भागलपुर के सैन्य अभ्यर्थियों ने अग्निपथ योजना में सेवा विस्तार का स्वागत किया, लेकिन अब 7-10 साल की नौकरी और स्थायी दर्जे की मांग कर रहे हैं।

भागलपुर के सैन्य भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के बीच इन दिनों अग्निपथ योजना में सेवा अवधि बढ़ाने की चर्चा तेज है। शहर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में सुबह 4 बजे से ही पसीना बहाने वाले अभ्यर्थियों ने सरकार द्वारा सेवा अवधि में दो साल की बढ़ोतरी के प्रस्ताव का स्वागत किया है, लेकिन उनका कहना है कि यह अभी भी पर्याप्त नहीं है। युवाओं की मांग है कि इस कार्यकाल को बढ़ाकर कम से कम 7 से 10 साल किया जाए ताकि उन्हें करियर में स्थिरता मिल सके।
मैदान पर दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद का अभ्यास कर रहे इन युवाओं का मानना है कि सैन्य जीवन में ढलने और अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह समझने के लिए वर्तमान समय बहुत कम है। अभ्यर्थियों का तर्क है कि जब तक एक सैनिक पूरी तरह से सैन्य अनुशासन और माहौल में रमता है, तब तक उसकी सेवा का एक बड़ा हिस्सा बीत चुका होता है।
नौकरी की सुरक्षा और सम्मान की मांग
कोचिंग दे रही पूनम सिंह सोलंकी का कहना है कि अग्निपथ योजना में अभी और बदलाव की जरूरत है। उन्होंने सुझाव दिया कि सेवा अवधि कम से कम 10 वर्ष होनी चाहिए। सोलंकी के अनुसार, उम्मीदवार शारीरिक और मानसिक तैयारी में काफी समय और मेहनत लगाते हैं, जिसके बाद लंबी चयन और प्रशिक्षण प्रक्रिया होती है। यदि कार्यकाल बढ़ाया जाता है, तो इससे युवाओं में सेना ज्वाइन करने का उत्साह बढ़ेगा और उन्हें बेहतर जॉब सिक्योरिटी मिलेगी।
वहीं, अभ्यर्थी निश्चल कुमार ने सरकार के दो साल बढ़ाने के कदम को सकारात्मक बताया, लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि देश की सेवा का सपना देखने वाले युवा केवल कुछ वर्षों के लिए नहीं, बल्कि जीवनभर के लिए सेना से जुड़ना चाहते हैं। उन्होंने मांग की कि अग्निवीरों को स्थायी भर्ती के अवसर दिए जाएं और उन्हें नियमित सैनिकों के समान ही सुविधाएं और सम्मान मिलना चाहिए।
सैंडिस कंपाउंड के युवाओं ने सामूहिक रूप से यह बात दोहराई कि उनके लिए सैन्य सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि देश के प्रति समर्पण और सम्मान का विषय है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि सामाजिक सुरक्षा और स्थायी रोजगार के रास्तों पर गंभीरता से विचार किया जाए।