भीखनपुर 12 नंबर गुमटी पर रोजाना महाजाम से लोग परेशान

MyBhagalpur Team6 October 20263 min read0 viewsCity Local
भीखनपुर 12 नंबर गुमटी पर रोजाना महाजाम से लोग परेशान

भागलपुर शहर को दक्षिणी क्षेत्र और गोराडीह प्रखंड सहित कई ग्रामीण इलाकों से जोड़ने वाला प्रमुख रास्ता इस समय आम जनता के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। भीखनपुर स्थित बारह नंबर गुमटी रेलवे फाटक पर रोजाना लगने वाले भीषण जाम ने स्थानीय लोगों का जीना محال कर दिया है।

  • भोलानाथ पुल ओवरब्रिज का निर्माण कार्य चलने के कारण रूट डायवर्ट है।
  • 12 नंबर गुमटी फाटक का बार-बार और लंबे समय तक बंद रहना लोगों के सब्र का इम्तिहान ले रहा है।
  • मालगाड़ियों के रोजाना एक-एक घंटे तक खड़े रहने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

जाम की मुख्य वजह

भागलपुर रेल खंड पर पिछले कुछ समय में यात्री और मालगाड़ियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। लेकिन ट्रेनों की बढ़ती तादाद के अनुपात में रेलवे की तकनीकी व्यवस्था नहीं सुधारी गई। स्थानीय लोगों और रेल विशेषज्ञों का कहना है कि यहाँ उचित सिग्नल प्रणाली की व्यवस्था नहीं होने के कारण अक्सर ट्रेनें रेलवे फाटक के बिल्कुल करीब आकर खड़ी हो जाती हैं। सबसे ज्यादा परेशानी मालगाड़ियों से होती है, जो रोजाना यहाँ एक-एक घंटे तक खड़ी रहती हैं, जिससे बैरियर गिरा रहता है और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

आम जनता और मरीजों की परेशानी

इस रेलवे फाटक के अक्सर बंद रहने से सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों, ट्यूशन जाने वाले छात्रों और ऑफिस कर्मियों पर पड़ रहा है। समय पर स्कूल न पहुंच पाने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इससे भी अधिक गंभीर स्थिति आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की है। जाम में अक्सर एम्बुलेंस फंसी रहती हैं, जिससे मरीजों की जान पर बन आती है। स्थानीय निवासी और व्यवसायी बबलू कुमार का कहना है कि भोलानाथ पुल का काम चलने से वैसे ही रास्ता संकरा है। उस पर यह 12 नंबर गुमटी दिन में दर्जनों बार बंद होती है। जब मालगाड़ी एक घंटे के लिए खड़ी हो जाती है, तो पूरा इलाका ठप हो जाता है। रेल मंत्री जी को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और यहाँ शंटिंग या सिग्नल की समस्या को दूर करना चाहिए। सरस्वती पांडे अभिभावक, इशाकचक का कहना है कि रोज सुबह बच्चे को स्कूल भेजने में डर लगा रहता है। कई बार फाटक बंद होने से बच्चे की परीक्षा तक छूटने की नौबत आ गई है। रेलवे को कम से कम स्कूल और ऑफिस के समय मालगाड़ियों का परिचालन रोकना चाहिए या उन्हें आउटर पर खड़ा करना चाहिए। मो. शमशाद गोराडीह के निवासी का कहना है कि हम ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए शहर आने-जाने का यही एक मुख्य जरिया है। इलाज के लिए मरीज को भागलपुर सदर अस्पताल या मायागंज ले जाना हो, तो इस गुमटी पर आकर धड़कनें बढ़ जाती हैं। यहाँ तुरंत अंडरपास या कोई वैकल्पिक व्यवस्था बेहद जरूरी है।

रेलवे की सफाई और नागरिकों की चेतावनी

रेलवे के सूत्रों के अनुसार, भागलपुर स्टेशन के पास शंटिंग यार्ड के विस्तारीकरण और तीन लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इस तकनीकी काम के चलते और यार्ड की सीमा कम होने की वजह से ट्रेनों को आउटर या फाटक के पास रोकना मजबूरी बन जाता है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि विकास कार्य पूरा होने के बाद ट्रेनों के परिचालन में तकनीकी दक्षता आएगी, लेकिन तब तक रोजाना पीस रही जनता को इस नरक से बचाने के लिए रेलवे के पास कोई ठोस तात्कालिक योजना नहीं दिख रही है। वहीं स्थानीय नागरिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस रेलवे फाटक पर मालगाड़ियों के घंटों रुकने की समस्या का समाधान नहीं किया गया और सिग्नलिंग व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई, तो वे रेल मंत्रालय के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

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