भागलपुर जिले के सुलतानगंज इलाके के गंगापुर के रहने वाले 32 वर्षीय बिहार पुलिस के सिपाही समीर कुमार ने रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को आत्महत्या कर ली। यह घटना किशनगंज के सदर थाना परिसर के अंदर हुई, जहां सिपाही ने अपनी सर्विस पिस्तौल से अपने सिर में गोली मारकर अपनी जान दे दी।
- समीर कुमार बिहार पुलिस में सिपाही थे और मूल रूप से भागलपुर के सुलतानगंज क्षेत्र के गंगापुर के रहने वाले थे।
- रविवार सुबह करीब 8 बजे उनके परिवार को इस घटना की सूचना मिली, जिसके बाद परिवार के सदस्य किशनगंज के लिए रवाना हो गए।
- परिवार ने काम के अत्यधिक दबाव और तनाव का आरोप लगाया है तथा घटना की निष्पक्ष जांच और मुआवजे की मांग की है।
रविवार सुबह लगभग 8 बजे यह बुरी खबर उनके परिवार तक पहुंची। उनके पिता नागेश्वर दास, जो एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं, ने बताया कि समीर ने अक्सर अपनी पेशेवर जिम्मेदारियों को लेकर परेशानी व्यक्त की थी। उनके परिवार के अनुसार, समीर ने फोन पर अपनी मां से अक्सर ड्यूटी से जुड़े अत्यधिक काम के दबाव और तनाव की शिकायत की थी। हालांकि परिवार ने उसे ढांढस बंधाने की कोशिश की थी, लेकिन आत्महत्या का असली कारण पुलिस जांच के अधीन है।
इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद समीर ने बल ज्वाइन किया और 2015 में समस्तीपुर में उनकी पहली पोस्टिंग हुई थी। इसके बाद उनका ट्रांसफर मधुबनी हुआ और फिर उनकी पोस्टिंग किशनगंज में हुई थी। वह छुट्टी पर अगस्त 2026 में आखिरी बार अपने घर आए थे और उसके बाद अपनी ड्यूटी पर वापस लौट गए थे। उनके परिवार में उनकी पत्नी पूजा कुमारी हैं, जिनसे उनकी शादी 2011 में हुई थी, और दो बच्चे हैं: उनकी बेटी तन्नुश्री जो छठी कक्षा की छात्रा है, और उनका बेटा आर्यन राज जो दूसरी कक्षा में है। बच्चों की शिक्षा के लिए उनका परिवार सुलतानगंज में रहता था।
इस त्रासदी के बाद परिवार के सदस्य किशनगंज के लिए रवाना हो गए। उन्होंने उनकी मौत के सटीक हालातों का पता लगाने के लिए इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसके अलावा, परिवार ने सरकार से उनके किसी एक रिश्तेदार को मुआवजा और नौकरी देने का अनुरोध किया है।