इंडिया गठबंधन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को बिहपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान मौजूद विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफे की मांग की।
प्रमुख बिंदु:
- बिहपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका गया।
- विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की।
- मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफे की मांग की गई।
- बिहार और बंगाल के चुनावों को तत्काल रद्द करने की मांग उठी।
भागलपुर, 02 अक्टूबर (हि.स.)। इंडिया गठबंधन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर शुक्रवार को बिहपुर में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया गया। इस दौरान मौजूद विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त से तत्काल इस्तीफे की मांग की। महागठबंधन के नेतृत्व में आयोजित यह पुतला दहन मार्च बिहपुर प्रखंड के शहीद गेट से शुरू हुआ। कार्यकर्ता हाथों में पुतला और तख्तियां लेकर शांतिपूर्ण ढंग से नारे लगाते हुए स्टेशन गोलंबर होकर प्रखंड कार्यालय गेट तक पहुंचे, जहां सभा का आयोजन कर पुतला दहन किया गया।
मौके पर मौजूद राजद नेता डॉ. गौतम कुमार प्रीतम और अंचल मंत्री कॉमरेड हिमांशु कुमार ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी ने चुनाव आयोग को अपनी कठपुतली बना दिया है। चुनाव आयोग के माध्यम से बिहार और बंगाल के आम मतदाताओं के वोटों की चोरी की गई और जबरन सत्ता मोदी-शाह को सौंप दी गई। नेताओं ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और बिहार व बंगाल में हुए चुनावों को तत्काल रद्द किया जाए।
प्रतिरोध सभा को संबोधित करने और मार्च में मुख्य रूप से बहुजन नेता अखिलेश रमण, कामरेड निरंजन चौधरी, कामरेड सुधीर यादव, राजद जिलाध्यक्ष अलख निरंजन पासवान, राजद प्रखंड अध्यक्ष किशोर सिंह यादव, कांग्रेस नेता इबरार आलम, पंकज सिंह कुशवाहा, प्रोफेसर नज़मुल इस्लाम, साज़गार आलम, मो. अंजार आलम और कांग्रेस अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष शेख़ हसबूल शामिल हुए। इसके अलावा युवा नेता मुरारी लाल, बीरेंद्र नाथ चोपड़ा, प्रखंड युवा नेता दिलीप सिंह, राजद के महमूद गजनवी, मंसूर आलम, सदानंद दास, विद्यानंद पासवान, किशोर मंडल, बुलो पासवान, विक्रम दास, अत़हर सईद और कामरेड रामशरण यादव सहित सैकड़ों की संख्या में महागठबंधन के कार्यकर्ता व स्थानीय लोग उपस्थित थे।