चेन्नई के बाद भागलपुर में सबसे ज्यादा कौवे मरे, सैंडिस कंपाउंड में बर्ड फ्लू का डर, प्रशासन अलर्ट

Hariom Mishra20 February 20262 min read6 viewsCity Local
चेन्नई के बाद भागलपुर में सबसे ज्यादा कौवे मरे, सैंडिस कंपाउंड में बर्ड फ्लू का डर, प्रशासन अलर्ट

भागलपुर में बर्ड फ्लू का खतरा अब शहर के रिहायशी इलाकों तक पहुँच गया है। चेन्नई के बाद पूरे देश में सबसे ज्यादा कौवों की मौत अब भागलपुर में रिकॉर्ड की गई है। हाल ही में शहर के मशहूर सैंडिस कंपाउंड में दर्जनों कौवे मरे हुए मिले, जिससे सुबह टहलने वालों में डर का माहौल बन गया है। नौगछिया के बाद अब शहर के बीचों-बीच संक्रमण फैलने की आशंका ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पटना और भोपाल की लैब ने H5N1 वायरस की पुष्टि पहले ही कर दी थी।

क्या अभी चिकन खाना सुरक्षित है और क्या है बाजार का हाल?

प्रशासन ने अभी तक जिले में चिकन या अंडों की बिक्री पर कोई रोक नहीं लगाई है। पशुपालन विभाग का तर्क है कि मुर्गियों में अभी तक संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि चिकन और अंडों को 70 डिग्री सेल्सियस से ऊपर तापमान पर अच्छी तरह पकाकर ही खाएं। अधपका मांस या अंडा खाने से बचना चाहिए।

बाजार में चिकन का कारोबार सामान्य रूप से चल रहा है:

  • ब्रॉयलर चिकन: 160 रुपये प्रति किलो
  • देसी चिकन: 350 रुपये प्रति किलो
  • कुल खपत: जिले के 1000 पोल्ट्री फार्म्स में हर महीने 10 लाख मुर्गियों का कारोबार होता है।

प्रशासन की तैयारी और लोगों के सवाल

नौगछिया और शहर के प्रभावित इलाकों के 10 किलोमीटर के दायरे में निगरानी बढ़ा दी गई है और इसे सर्विलांस जोन घोषित किया गया है। बैरिया पोल्ट्री क्षेत्र में गाड़ियों की एंट्री पर रोक लगाकर साफ-सफाई की जा रही है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजलि कुमारी सिन्हा ने बताया कि यह संक्रमण प्रवासी पक्षियों से फैल रहा है और ठंड में कम इम्युनिटी के कारण कौवे इसका शिकार हो रहे हैं।

वहीं, स्थानीय लोग और एक्सपर्ट्स प्रशासन पर सुस्त होने का आरोप लगा रहे हैं। लोगों का कहना है कि विभाग सिर्फ सैंपल कलेक्ट करने में लगा है, जबकि सैंडिस कंपाउंड जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में तुरंत बड़े पैमाने पर सैनिटाइजेशन की जरूरत है। मरे हुए पक्षियों को छह फीट गहरे गड्ढे में दफनाने का नियम बनाया गया है ताकि वायरस और न फैले।

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