भगतपुर में बिशरी पूजा का समापन: नम आंखों से विदा हुए भगत, गंगा में विसर्जित हुए नाग कलश

भागलपुर के चंपानगर में मंगलवार शाम, 18 अगस्त 2026 को पारंपरिक बिशरी पूजा का समापन हो गया। 'भगत मिलाप' की रस्म के बाद नाग कलश और मंजूषा का विसर्जन किया गया। इस मौके पर स्थानीय महिलाओं ने महिला भगतों को नम आंखों से विदाई दी।
- चंपानगर में नाग कलश और मंजूषा का विसर्जन।
- नगर निगम द्वारा घाटों और रास्तों की विशेष सफाई।
- अंग संस्कृति भवन और म्यूजियम में बिहुला-बिशरी उत्सव का आयोजन।
नगर निगम की व्यवस्थाएं
भागलपुर नगर निगम ने विसर्जन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए थे। इसके तहत गंगा नदी के तटों और विसर्जन मार्गों की सफाई कराई गई, अतिक्रमण हटाया गया और जुलूस के सुगम आवागमन के लिए सड़कों को चौड़ा किया गया। इसके अलावा, जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए घाटों पर लाइटिंग, साफ-सफाई और सुरक्षा के इंतजाम पूरे किए गए।
बिहुला-बिशरी उत्सव 2026
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ, कला एवं संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन द्वारा अंग संस्कृति भवन और भागलपुर म्यूजियम परिसर में 'बिहुला-बिशरी उत्सव 2026' का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में लोक संगीत, पारंपरिक नृत्य, स्थानीय लोककथाओं पर आधारित प्रस्तुतियां और मंजूषा लोक कला की प्रदर्शनी शामिल थी।