भागलपुर में भाजपा नेता उमा भूषण उर्फ पप्पू तांती की हत्या के मामले में पुलिस जांच में पुरानी राजनीतिक रंजिश, वर्चस्व की लड़ाई, जमीन विवाद और चंदा वसूली को लेकर विवाद जैसी नई बातें सामने आई हैं। पीड़ित परिवार के बयान पर पूर्व मंडल अध्यक्ष, एक स्थानीय वार्ड पार्षद, पार्षद के भतीजे और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
भागलपुर के अलावा मुंगेर, खगड़िया और बेगूसराय जिलों में संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई है। स्थानीय लोगों ने घटना से पहले कुछ अनजान युवकों को इलाके में देखने की बात कही है।
यह गोलीबारी शुक्रवार को नशा करने वालों के जमघट वाले इलाके के पास हुई थी। घटना के चौबीस घंटे बाद भी पुलिस संदिग्धों का भागने का रास्ता तलाशने के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
मृतक के भाई अरविंद तांती ने वार्ड-51 के पार्षद के पति और भाजपा नेता शशि मोदी, उनके भतीजे कृष्णा मोदी और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
अरविंद ने पप्पू तांती के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव और कुतुबगंज काली पूजा समिति के अध्यक्ष होने को हत्या की वजह बताया है। घटना के समय पप्पू तांती अपनी बाइक पर थे और उनके साथ भतीजा अंकित पीछे बैठा था, जबकि भाई अरविंद दूसरी बाइक पर थे। हमलावरों ने रुकने का इशारा किया, पास आए, गोलियां चलाईं और पैदल ही फरार हो गए।
सिटी डीएसपी-2 राकेश कुमार ने बताया कि अभी तक करीबियों की साजिश का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है और पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
इस हत्या से बाबतगंज थाना क्षेत्र में काफी तनाव और आक्रोश है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव खुद जांच की कमान संभाले हुए हैं और निर्देश दिए हैं कि मुख्य आरोपियों या शरण देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। खुफिया इनपुट से पता चला है कि अपराध में शामिल मामा दूसरे जिले में छिप सकते हैं और भतीजा तथा साथी दियारा क्षेत्र में छिपे हो सकते हैं। बाढ़ के पानी के कारण पुलिस को छापेमारी में परेशानी आ रही है। एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने पुष्टि की है कि शरण देने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।