भागलपुर में ब्लिंकिट डिलीवरी ब्वॉय की हड़ताल

भागलपुर में ऑनलाइन क्विक-कॉमर्स कंपनी ब्लिंकिट के डिलीवरी राइडर्स ने कमाई घटने के कारण सोमवार को अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे आदमपुर स्थित स्टोर पर कामकाज ठप हो गया है। सुबह शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण राइडर्स ने डिलीवरी पैकेट लेने से मना कर दिया, जिससे शहर की ऑनलाइन डिलीवरी व्यवस्था पूरी तरह लड़खड़ा गई। पर्याप्त स्टाफ न होने के कारण ग्राहकों के कई ऑर्डर घंटों तक पेंडिंग रहे और बाद में रद्द कर दिए गए।
कमाई में 40 से 50 प्रतिशत की भारी गिरावट
राइडर्स ने बताया कि पिछले छह महीनों में उनकी कमाई 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। बढ़ती महंगाई, पेट्रोल के दाम और गाड़ी के रख-रखाव का खर्च बढ़ने के बावजूद उन्हें बताया गया कि उनका वेतन लगातार कम किया जा रहा है और काम का बोझ बढ़ा दिया गया है।
कंपनी पर भेदभाव का आरोप और नए नियम
प्रदर्शन के दौरान राइडर्स ने कंपनी पर भेदभाव करने का आरोप लगाया। छोटू कुमार नामक एक राइडर ने बताया कि पुराने और अनुभवी स्टाफ का बेस पे और इंसेंटिव काटा जा रहा है, जबकि नए लोगों को जोड़ने के लिए कंपनी 5,000 रुपये तक का वेलकम बोनस दे रही है।
स्टडी और खर्च चलाने में परेशानी
प्रभावित राइडर्स में से कई छात्र हैं जो अपनी पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए इस प्लेटफॉर्म पर काम करते हैं। मनीष नाम के एक राइडर ने बताया कि वह अपनी पढ़ाई के साथ काम करते हैं, लेकिन इंसेंटिव स्ट्रक्चर में हुए बदलावों के कारण उनके लिए ट्यूशन, किताबें और कमरे का किराया जैसे बेसिक खर्च उठाना नामुमकिन हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने आदमपुर स्टोर के लोकल मैनेजमेंट के खराब बर्ताव पर भी चिंता जताई है।
स्टोर मैनेजर का पक्ष
आदमपुर स्टोर के मैनेजर शंभू शंकर ने पुष्टि की है कि राइडर्स ने सोमवार सुबह से पैकेट उठाना बंद कर दिया है, जिससे लगातार ऑर्डर कैंसिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि राइडर्स की मांगों से जुड़ी एक रिपोर्ट कंपनी के हेडक्वार्टर के सीनियर अधिकारियों को भेज दी गई है। हड़ताल कर रहे लोगों ने ऐलान किया है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित समझौता नहीं हो जाता, वे काम पर नहीं लौटेंगे और न ही नए लोगों को डिलीवरी करने देंगे।