सुपौल के बॉर्डर इलाकों में बीएसएनएल की मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं पिछले कई महीनों से लगातार ठप पड़ी हैं। इस बड़ी समस्या की वजह से स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी उठानी पड़ रही है। नेट नहीं चलने से पढ़ाई करने वाले छात्रों और दुकानदारों-व्यापारियों को अपने काम में भारी दिक्कत आ रही है।
19 सितंबर 2026 की रिपोर्ट में फिर से बताया गया है कि सही नेटवर्क न मिलने की वजह से रोजमर्रा की बातचीत, बिजनेस के लेन-देन और ऑनलाइन पढ़ाई के कामों में रुकावट आ रही है। यह स्थिति कुनौली बॉर्डर इलाके में 14 अगस्त 2026 और 13 सितंबर 2026 की पुरानी रिपोर्टों में भी सामने आ चुकी है।
स्थानीय नागरिकों ने अपनी मांग तेज कर दी है और विभाग के अफसरों व स्थानीय प्रशासन से तुरंत कदम उठाकर सेवाएं ठीक करने की अपील की है। इस नेटवर्क ढांचे को लेकर यह बात सामने आई है कि सुपौल के सांसद दिलेश्वर कामैत ने दिसंबर 2025 में बीएसएनएल के ग्रामीण नेटवर्क की खराब हालत को लेकर औपचारिक आवाज उठाई थी। उस समय सांसद कामैत ने बेहतर कनेक्टिविटी की बहुत जरूरत बताई थी और इलाके की मदद के लिए नए मोबाइल टॉवर लगाने और मौजूदा टॉवर की क्षमता बढ़ाने का सुझाव दिया था।