भागलपुर में गंगा नदी में समाया सौ साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर, भारी कटाव से लोग डरे

MyBhagalpur Team1 September 20262 min read29 viewsSad/Bad
भागलपुर में गंगा नदी में समाया सौ साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर, भारी कटाव से लोग डरे

भागलपुर जिला के खरीक के राघोपुर इलाके में मंगलवार सुबह गंगा नदी में एक सौ साल पुराना चैती दुर्गा मंदिर ढहकर गिर गया। राघोपुर जमींदारी बांध के पास तेज मिट्टी के कटाव के कारण यह हादसा हुआ। मंदिर का एक बड़ा हिस्सा नदी की तेज धाराओं में बह गया।

अखिलेश मंडल, सुषमा देवी, राजीव मंडल, कोको मंडल और मंटू मंडल समेत स्थानीय लोगों ने बताया कि जल संसाधन विभाग ने मंदिर को बचाने के लिए कई उपाय किए थे। हालांकि, नदी की तेज धार और लगातार हो रहे कटाव के आगे ये कोशिशें नाकाम साबित हुईं। ग्रामीणों ने मंदिर के टूटने को इलाके की पुरानी धार्मिक धरोहर का बड़ा नुकसान बताया है।

ग्रामीणों के अनुसार, कटाव कई दिनों से बहुत तेज था। उनका कहना था कि अगर शुरुआती दौर में बड़े पैमाने पर कटाव रोकने के उपाय किए जाते, तो मंदिर को बचाया जा सकता था। विभाग की कोशिशों के बाद भी कटाव की रफ्तार इतनी ज्यादा थी कि ऐतिहासिक ढांचे को बचाया नहीं जा सका।

रेलवे लाइन और बस्तियों पर खतरा


मंदिर के टूटने के बाद अब कटाव से पास की रेलवे लाइन, एक स्थानीय घाट और आसपास की आबादी को सीधा खतरा पैदा हो गया है। ग्रामीणों को डर है कि अगर गंगा का मौजूदा दबाव जारी रहा, तो कटाव तेजी से रिहायशी इलाकों की तरफ बढ़ेगा, जिससे कई घर और जानें खतरे में पड़ जाएंगी।

ग्रामीणों की मांग


ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन और जल संसाधन विभाग तुरंत युद्ध स्तर पर कटाव रोकने का काम शुरू करे। उन्होंने विशेषज्ञ इंजीनियरों की देखरेख में पक्के सुरक्षा उपाय लागू करने की जोरदारी मांग की है। स्थानीय लोगों ने इस बात पर जोर दिया कि भले ही मंदिर नदी में जा चुका है, लेकिन रेलवे लाइन और स्थानीय आबादी को बचाने के साथ अब भी वक्त है, और किसी भी तरह की और देरी से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

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