नगछिया में कम्युनिस्ट पार्टी का जोरदार प्रदर्शन, तटबंध टूटने की हो उच्चस्तरीय जांच

भागलपुर के नवगछिया में गुरुवार, 24 सितंबर 2026 को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्यों ने खरीक प्रखंड सह अंचल कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन क्षेत्रीय तटबंध सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक विफलता के खिलाफ किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और खरीक के अंचल अधिकारी (सीओ) प्रवीण कुमार वत्स के माध्यम से राज्यपाल को संबोधित एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में राघोपुर-कजिकोरैया तटबंध के टूटने की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है और मजबूत सुरक्षात्मक संरचनाओं के तुरंत निर्माण की बात कही गई है। गंगा नदी के भीषण कटाون के कारण यह तटबंध सोमवार, 24 अगस्त 2026 को लगभग सुबह 2:30 बजे टूटा था। इसके बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों में घुस गया था, जिसमें बिहार के ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल का घर भी शामिल है। सितंबर 2026 के दौरान ऐसी ही अन्य घटनाएं भी सामने आईं, जिसमें बनिया गांव में पुराने रेलवे लाइन के तटबंध में 15 मीटर, गोपालपुर में ब्रह्मोत्तर तटबंध में 10 मीटर और 11 सितंबर को कलकलिया नदी पर धोबनिया जमींदारी बांध में 20 फीट की टूट शामिल है।
प्रशासन की लापरवाही और बाढ़ की स्थिति
आलोचकों का मानना है कि इन बार-बार होने वाली आपदाओं के लिए जल संसाधन विभाग जिम्मेदार है, क्योंकि वे तीन साल पहले ही पहचानी गई कटाव की चेतावनी पर ध्यान देने में विफल रहे। हालांकि 24 सितंबर 2026 तक सुलतानपुर, कहलगांव और भागलपुर शहरी क्षेत्रों में बाढ़ का पानी खतरे के निशान से नीचे उतर चुका था, लेकिन जिला पदाधिकारी अलंकार पांडेय के नेतृत्व में प्रशासन अब राहत कार्यों पर ध्यान दे रहा है, जिसमें मेडिकल कैंप लगाना और पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए ब्लीचिंग पाउडर बांटना शामिल है। इससे पहले 15 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा गया था जिसमें हाईकोर्ट के जज की अध्यक्षता में क्षेत्र के बाढ़ प्रबंधन की स्वतंत्र जांच की मांग की गई थी।