भगालपुर में कांग्रेस का जोरदार हंगामा: 'वोट चोरी' के खिलाफ सड़क पर उतरे कार्यकर्ता

भगालपुर में सोमवार, 28 सितंबर 2026 को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोरी' और वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर किया गया।
मुख्य बातें:
- जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन और नारेबाजी।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग।
- वोटर लिस्ट में बदलावों की स्वतंत्र समीक्षा की मांग।
- प्रशासन द्वारा ज्ञापन लेने के बाद प्रदर्शन समाप्त।
कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर नारेबाजी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्ट्रेट पर जमा होकर 'वोट चोर, इस्तीफा दो' जैसे नारे लगाए। सुरक्षा कारणों से कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया गया था, जिसके कारण कार्यकर्ताओं को बाहर ही अपना प्रदर्शन करना पड़ा। यह विरोध प्रदर्शन कांग्रेस पार्टी के देशव्यापी अभियान का हिस्सा था, जिसमें नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग की।
चुनाव प्रक्रिया पर उठाए सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जिला कांग्रेस प्रभारी राहुल सिंह चौहान ने कहा कि पार्टी लंबे समय से चुनाव प्रक्रियाओं पर सवाल उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के अधिकारियों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कई फैसलों पर आपत्ति जताई है, जिससे चुनावी प्रणाली की पारदर्शिता पर संदेह पैदा होता है। दूसरी ओर, चुनाव आयोग का कहना है कि उसके फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए थे।
निरंतर आंदोलन की चेतावनी
यूथ कांग्रेस के प्रतिनिधि प्रशांत बनर्जी ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से नहीं चलाई जा रही है और कहा कि पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल के दौरान वोटर लिस्ट में किए गए बदलावों और सभी चुनाव संबंधी फैसलों की स्वतंत्र समीक्षा की जाए।
प्रशासन की कार्रवाई
सदर एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि यह प्रदर्शन बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के किया गया था। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को याद दिलाया कि आगामी एमएलसी चुनाव के कारण क्षेत्र में BNSS की धारा 163 लागू है। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनकी मांगों वाला ज्ञापन स्वीकार किया, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। अधिकारियों के अनुसार, प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई।