भागलपुर में 'वोट चोरी' पर कांग्रेस का जोरदार हल्लाबोल, कलेक्ट्रेट गेट पर जड़ा ताला

अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के देशव्यापी आह्वान पर सोमवार को भागलपुर में जिला कांग्रेस कमिटी के नेतृत्व में समाहरणालय के सामने एक विशाल विरोध-प्रदर्शन किया गया।
- केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग पर 'वोट चोरी' और मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप।
- सुरक्षा के कारण प्रशासन ने समाहरणालय के मुख्य गेट पर ताला लगाया।
- सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में झंडे और तख्तियां लेकर नारेबाजी की।
- मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ आंदोलन जारी रखने की चेतावनी।
कलेक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन और नारेबाजी
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और कथित ‘वोट चोरी’ के खिलाफ सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश जताया। जब प्रदर्शनकारी कलेक्ट्रेट की ओर बढ़े, तो सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने समाहरणालय का मुख्य गेट बंद कर उस पर ताला लगा दिया। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य द्वार पर ही खड़े होकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने 'वोट चोर गद्दी छोड़ो' और 'वोट चोर कहां मिलेगा, बीजेपी के दफ्तर में' जैसे राजनीतिक नारे लगाए, जिससे पूरा इलाका गूंज उठा।
इन नेताओं ने किया प्रदर्शन का नेतृत्व
इस विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व भागलपुर कांग्रेस जिला प्रभारी राहुल सिंह चौहान ने किया। इस आंदोलन में जिला कांग्रेस अध्यक्ष परवेज जमाल, पूर्व विधायक अजीत शर्मा, वरिष्ठ नेता महेश राम, युवा कांग्रेस अध्यक्ष अमित कुमार और महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष सुनीता देवी सहित कई प्रमुख स्थानीय नेता और पदाधिकारी शामिल हुए।
लोकतांत्रिक पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता पार्टी के झंडे और तख्तियां लेकर चल रहे थे। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट कहा कि मतदाता के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता के साथ किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक 'वोट चोरी' के आरोपों पर स्थिति स्पष्ट नहीं होती और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह देशव्यापी आंदोलन और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ विरोध जारी रहेगा।