विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद मुंगेर-भागलपुर के बीच बन रही फोरलेन सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। यह सड़क अभी बन ही रही है। - दरारें रतनपुर और बरियारपुर के बीच आई हैं और पिछले तीन दिनों से साफ दिख रही हैं। - इस रास्ते पर रोजाना दस हजार से ज्यादा गाड़ियां चल रही हैं जिनमें छोटी कारें और भारी ट्रक शामिल हैं। - लोगों को सुरक्षा की बड़ी चिंता सता रही है।
- विक्रमशिला सेतु बंद होने से सारा ट्रैफिक इस फोरलेन पर आ गया है।
- रतनपुर और बरियारपुर के बीच सड़क पर दरारें दिख रही हैं।
- रोजाना दस हजार से अधिक गाड़ियां इस रास्ते से गुजर रही हैं।
बाढ़ के पानी वाले इलाके में मिट्टी धंसने से यह नुकसान होने की बात सामने आ रही है। हालांकि असली वजह जांच के बाद ही पता चलेगी।
अगर भारी गाड़ियां ऐसे ही चलती रहीं तो दरारें और बढ़ सकती हैं। सड़क का हिस्सा धंस भी सकता है जिससे मुंगेर और भागलपुर के बीच गाड़ियों की आवाजाही रुक जाएगी। माल ढुलाई भी ठप हो सकती है। ऐसा होने पर गाड़ियों को एनएच-80 पर भेजना पड़ेगा जिससे चालकों को और परेशानी होगी।
मुंगेर-मिर्ज़ाचौकी फोरलेन प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपए खर्च हो रहे हैं और इसकी निर्माण क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं। इस प्रोजेक्ट का करीब 26 किलोमीटर हिस्सा मुंगेर जिले से गुजरता है।
रतनपुर और घोरघाट के बीच का इलाका बाढ़ वाला माना जाता है। मिट्टी की मजबूती, पानी की निकासी और इंजीनियरिंग के तरीकों पर सवाल उठ रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब इस हिस्से में नुकसान हुआ है।
इससे पहले भी रतनपुर और घोरघाट के बीच के एक हिस्से को तोड़कर दोबारा बनाना पड़ा था।एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर मनीष कुमार ने कहा कि उन्हें मीडिया की खबरों से मामले की जानकारी मिली है। शुरुआती तस्वीरों को देखकर उन्होंने बताया कि दरारें सड़क की ऊपरी सतह पर लग रही हैं। कुमार ने भरोसा दिलाया कि इस मामले की आधिकारिक जांच की जाएगी। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 तक सड़क की मरम्मत के लिए किसी तय समय की घोषणा नहीं की गई थी, जबकि यह सड़क हजारों लोगों के लिए रोजाना का मुख्य वैकल्पिक रास्ता है।