भागलपुर और आसपास के इलाकों में चक्रवातीय मौसम की वजह से बिजली की सप्लाई बहुत ज्यादा खराब हो गई है। शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में बिजली ट्रिपिंग की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। ग्रामीण इलाकों में 11 केवी बिजली लाइनों की लंबाई बहुत ज्यादा होने के कारण मेंटेनेंस और पेट्रोलिंग का काम करने में भारी परेशानी आ रही है।
- मौसम खराब होने से भागलपुर में बिजली सप्लाई पर बुरा असर पड़ा है।
- गुरुवार को शहर के दक्षिणी हिस्से और कई अन्य इलाकों में लंबी बिजली कटौती हुई।
- ग्रामीण इलाकों में बारिश और बाढ़ के पानी से मेंटेनेंस का काम मुश्किल हो गया है।
गुरुवार को शहर के दक्षिणी हिस्से के लोगों को लंबी बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। पहले राज्य सीएलडी से बिजली कम मिलने के कारण कुछ सब-स्टेशनों में लोड शेडिंग की जा रही थी। अब मौसम की वजह से हो रही ट्रिपिंग के कारण ग्रिड का लोड कम करना पड़ा है, जिससे बिजली का संकट और ज्यादा बढ़ गया है।
गुरुवार को जिन इलाकों में बार-बार बिजली गुल हुई, उनमें नाथनगर, शहर का सेंट्रल इलाका, सीएस, भिखनपुर, टीटीसी, मुजाहिदपुर, दक्षिणी क्षेत्र के अलीगंज सब-स्टेशन, और पूर्वी क्षेत्र के बरारी व मायागंज सब-स्टेशन शामिल हैं। भिखनपुर सब-स्टेशन के अंतर्गत आने वाले भोलानाथ पुल फीडर में शाम के समय एक घंटे से ज्यादा समय तक बिजली कटी रही।
अधिकारियों ने बताया कि कम वोल्टेज की समस्या इसलिए बनी रहती है क्योंकि लोग बहुत ज्यादा बिजली इस्तेमाल करते हैं। इससे राज्य सीएलडी द्वारा बिजली बांटने के लिए तय किए गए लोड बैरियर पार हो जाते हैं। इससे बिजली की फ्रीक्वेंसी कम हो जाती है और वोल्टेज गिर जाता है।
यह समस्या ग्रामीण इलाकों में बहुत ज्यादा देखने को मिलती है, जिसमें बांका का अमरपुर क्षेत्र भी शामिल है जहां से इस बारे में सर्कल ऑफिस में शिकायतें पहुंची हैं।
बिजली विभाग के अर्बन एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पंकज कुमार ने बताया कि बारिश और तेज हवा चलने की वजह से बिजली ट्रिप होने की शिकायतें बहुत ज्यादा बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि हर बार ट्रिप होने के बाद पूरी लाइन की जांच करनी पड़ती है, जिसकी वजह से बिजली चालू करने में देरी होती है। उन्होंने साफ किया कि गुरुवार को बिजली के आवंटन में कोई कमी नहीं थी। वहीं, ईस्ट डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर प्रभात रंजन ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में मेंटेनेंस का काम करने में बारिश और बाढ़ के पानी दोनों से परेशानी आ रही है। उन्होंने यह भी बताया कि 50 किलोमीटर लंबी 11 केवी लाइनों की पेट्रोलिंग करना बहुत समय लेने वाला काम है और हवा की वजह से होने वाली ट्रिपिंग से यह काम और कठिन हो जाता है।