दिल्ली पुलिस ने Al-Falah University चेयरमैन को किया गिरफ्तार, टेरर फंडिंग और जाली दस्तावेजों का है मामला

Hariom Mishra5 February 20262 min read7 viewsIndia
दिल्ली पुलिस ने Al-Falah University चेयरमैन को किया गिरफ्तार, टेरर फंडिंग और जाली दस्तावेजों का है मामला

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) के चेयरमैन जावेद अहमद सिद्दीकी को गिरफ्तार कर लिया है। अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह गिरफ्तारी यूनिवर्सिटी में चल रही जालसाजी और नियमों की अनदेखी को लेकर की गई है। गिरफ्तारी के बाद सिद्दीकी को दिल्ली की साकेत कोर्ट में पेश किया गया, जहां से पुलिस को पूछताछ के लिए 4 दिन की रिमांड मिली है।

क्यों हुई चेयरमैन की गिरफ्तारी?

जावेद अहमद सिद्दीकी की गिरफ्तारी के पीछे मुख्य वजह विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा दर्ज कराई गई दो एफआईआर हैं। जांच में सामने आया है कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे गलत तरीके से मान्यता (Accreditation) का दावा किया था।

पुलिस के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने झूठ बोला था कि उसे NAAC से मान्यता मिली हुई है। इस खुलासे के बाद नवंबर 2025 में ही यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को बंद कर दिया गया था। इन गड़बड़ियों में रिकॉर्ड्स की हेराफेरी और वित्तीय धोखाधड़ी के भी सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर अब कानूनी शिकंजा कसा गया है।

लाल किला धमाके से जुड़े तार और ED की जांच

यह मामला सिर्फ धोखाधड़ी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़े हैं। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में यूनिवर्सिटी का कनेक्शन 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के पास हुए कार धमाके से सामने आया था।

  • धमाके का आरोपी: जांच में पता चला कि लाल किला धमाके में शामिल डॉ. उमर नबी इसी यूनिवर्सिटी में काम करता था।
  • टेरर फंडिंग: प्रवर्तन निदेशालय (ED) पहले से ही सिद्दीकी और ट्रस्ट के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फंडिंग की जांच कर रहा है।
  • चार्जशीट और कुर्की: ईडी ने इस मामले में 16 जनवरी, 2026 को चार्जशीट दाखिल कर दी है और यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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