देवरिया के बरहज क्षेत्र के तेलियाकलां में भागलपुर चौराहे पर एक दर्दनाक हादसे में अजय यादव की मौत के बाद स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है। लोग प्रशासन से तुरंत सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद भी पीपल का एक बड़ा तना सड़क पर ही पड़ा हुआ है, जिससे आने-जाने वाले लोगों को बहुत परेशानी हो रही है। इस रुकावट की वजह से पहले से ही तंग रास्ता और भी संकरा हो गया है, जिसके कारण चालकों को मलबे और सामने से आ रहे ट्रैफिक के बीच से खतरनाक तरीके से गाड़ी निकालनी पड़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाया गया तो कभी भी कोई दूसरा बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय रिपोर्टों से पता चलता है कि रात के समय अंधेरे और विजिबिलिटी कम होने के कारण यह खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इसके अलावा, भागलपुर-मेल-बरहज सड़क की हालत भी बहुत खराब है, जहां बड़े-बड़े गड्ढे और झाड़ियां फैली हुई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि घाघरा नदी का जलस्तर बढ़ने से जंगली जानवर सड़क किनारे की इन झाड़ियों में आ रहे हैं, जिससे वाहन चालकों के सामने एक नया खतरा पैदा हो गया है और वे रास्ते में जानवरों से टकरा सकते हैं। सड़क पर पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ नहीं है, जिसकी वजह से उन्हें गाड़ियों के साथ ही चलना पड़ता है और इससे हादसों का खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है।
स्थानीय निवासी यह सवाल पूछ रहे हैं कि जिम्मेदार विभाग मलबे को हटाने, सड़कों के गड्ढों को भरने और सड़क के किनारे की झाड़ियों को साफ करने में क्यों नाकाम रहे हैं, जिनकी वजह से सड़क का किनारा ठीक से दिखाई नहीं देता है। इस मुद्दे की जानकारी देने वाले प्रदीप मौर्य समेत समुदाय के अन्य लोग तुरंत प्रशासनिक दखल की मांग कर रहे हैं ताकि रास्ता साफ हो सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या अधिकारी किसी दूसरी मौत का इंतजार कर रहे हैं?