सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने तेलघी पंचायत पहुंचीं डीएम अलंकृता पांडेय
भागलपुर की डीएम अलंकृता पांडेय ने तेलघी पंचायत में सरकारी योजनाओं का जायजा लिया और लापरवाह अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।

भागलपुर जिले की जिलाधिकारी श्रीमती अलंकृता पांडेय गुरुवार को अचानक नवगछिया अनुमंडल के खरीक प्रखंड स्थित तेलघी पंचायत पहुंच गईं। डीएम के इस औचक दौरे से पूरे इलाके के प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। उनका मकसद यह देखना था कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं वास्तव में आम लोगों तक पहुंच रही हैं या सिर्फ कागजों तक सीमित हैं। इस निरीक्षण के दौरान उनके साथ नवगछिया के पुलिस अधीक्षक और जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
जिलाधिकारी ने पंचायत सरकार भवन, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य उप-केंद्रों और सरकारी स्कूलों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने न केवल सरकारी फाइलों और रिकॉर्ड्स की जांच की, बल्कि यह भी देखा कि कर्मचारी समय पर ड्यूटी पर हैं या नहीं और जनता को मिलने वाली सुविधाओं की क्या स्थिति है।
लापरवाही पर बरसीं डीएम, अधिकारियों को दी सख्त चेतावनी
निरीक्षण के दौरान जब डीएम अलंकृता पांडेय को कुछ विकास योजनाओं की रफ्तार सुस्त मिली, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों और तकनीकी अधिकारियों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। डीएम ने स्पष्ट किया कि यदि तय समय के भीतर काम पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, नवगछिया पुलिस अधीक्षक ने क्षेत्र की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मानकों की समीक्षा की। साथ ही गंगा नदी के जलस्तर में बदलाव के बाद पैदा हुई स्थितियों पर भी चर्चा की गई।
डीएम ने इस दौरान स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम जनता के राजस्व संबंधी मामलों और दाखिल-खारिज जैसे जरूरी कागजी कामों का निपटारा पूरी संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ किया जाए, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।