विक्रमशिला सेतु बंद होने की आशंका पर डीएम और एसएसपी ने किए वैकल्पिक मार्ग और गंगा घाटों के निरीक्षण

MyBhagalpur Team30 September 20262 min read0 viewsCity Local
विक्रमशिला सेतु बंद होने की आशंका पर डीएम और एसएसपी ने किए वैकल्पिक मार्ग और गंगा घाटों के निरीक्षण

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु पर आवागमन बंद होने की संभावित स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। भागलपुर से नवगछिया के बीच यात्रा करने वाले हजारों लोगों की सुविधा और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक कवायद तेज कर दी गई है। बुधवार को जिलाधिकारी अलंकृता पांडेय, वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव और नगर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह ने संबंधित विभागों के आलाधिकारियों के साथ विभिन्न गंगा घाटों और वैकल्पिक संपर्क मार्गों का विस्तृत स्थल निरीक्षण किया।

  • डीएम और एसएसपी ने गंगा घाटों और वैकल्पिक मार्गों का किया निरीक्षण।
  • यात्रियों की सुरक्षा और सुगम सफर के लिए पुख्ता इंतजाम के दिए निर्देश।
  • नाव परिचालन और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था का लिया जायजा।

मौजूदा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

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निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक और पुलिस महकमे के शीर्ष अधिकारियों ने यात्रियों के सुरक्षित आवागमन के लिए उपलब्ध मौजूदा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों की टीम ने उन सभी संभावित घाटों का दौरा किया जहाँ से नावों या अन्य माध्यमों से परिचालन किया जा सकता है। इसके साथ ही सेतु के समानांतर या अन्य वैकल्पिक सड़क मार्गों की स्थिति को भी देखा गया, ताकि मुख्य पुल पर दबाव बढ़ने या परिचालन रुकने की स्थिति में ट्रैफिक को तुरंत डायवर्ट किया जा सके।

अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

डीएम अलंकृता पांडेय और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव ने मौके पर ही मौजूद संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी हिदायत दी। उन्होंने कहा कि घाटों पर यात्रियों के बैठने, रोशनी, पेयजल और सुचारू यातायात प्रबंधन की पुख्ता व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही, नदी मार्ग से यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने, पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती करने और लाइफ जैकेट जैसी आपातकालीन कश्तियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आवागमन के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की मानसिक या शारीरिक परेशानी नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि यदि क्षेत्र में किसी भी तरह की समस्या या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती है, तो उसका तत्काल संज्ञान लिया जाए और बिना समय गंवाए त्वरित दंडात्मक या सुधारात्मक कार्रवाई की जाए। जिला प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए सभी वैकल्पिक मार्गों और घाटों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में जुटा है।

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