भागलपुर के शहीद जुब्बा सहनी केन्द्रीय कारा में बीते देर रात उस समय हड़कंप मच गया जब जिला प्रशासन और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने अचानक धावा बोल दिया। यह सघन निरीक्षण अभियान जेल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और प्रतिबंधित सामग्री की जांच के उद्देश्य से चलाया गया। इस कार्रवाई की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: - डीएम अलंकृता पांडे और एसएसपी प्रमोद कुमार यादव के नेतृत्व में हुई छापेमारी - नगर एसपी, डीएसपी और कई थानों के थानाध्यक्ष रहे मौजूद - कैदियों के वार्ड, मेस और प्रशासनिक कक्षों की ली गई सघन तलाशी - प्रतिबंधित सामग्री के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने का निर्देश
भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव के प्रत्यक्ष नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई संपन्न हुई। इस बड़े छापेमारी अभियान में प्रशासनिक और पुलिस महकमे के कई आला अधिकारी शामिल रहे। संयुक्त टीम में नगर पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नगर-01, पुलिस उपाधीक्षक रक्षित के साथ-साथ औद्योगिक प्रक्षेत्र, जोगसर, बरारी एवं तिलकामांझी थाना के थानाध्यक्ष और भारी संख्या में पुलिस बल के जवान मौजूद थे।
छापेमारी के दौरान संयुक्त दल ने केन्द्रीय कारा परिसर के विभिन्न संवेदनशील स्थलों और वार्डों का कोना-कोना खंगाला। इस दौरान कैदी बैरकों की बेहद सघन तलाशी ली गई। इसके साथ ही जेल के मेस, सुरक्षा चौकियों और प्रशासनिक कक्षों की भी विधिवत जांच की गई। अधिकारियों ने जेल परिसर की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी तंत्र और अनुशासन की बारीकी से समीक्षा की।
गहन निरीक्षण के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने जेल प्रशासन को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट लहजे में कहा कि
जेल परिसर के अंदर सुरक्षा नियमों और प्रोटोकॉल का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। मोबाइल, नशीले पदार्थ या किसी भी प्रकार की प्रतिबंधित सामग्री और अवांछित गतिविधियों के खिलाफ
जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण और सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेंगे।