जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भागलपुर नज़रअत शाखा का किया औचक निरीक्षण

भागलपुर में जिला पदाधिकारी नवीन कुमार ने सोमवार को जिला नज़रअत शाखा कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान किशनगंज से औधेश झा की रिपोर्ट के अनुसार, जिलाधिकारी ने कार्यालय की फाइलों, रजिस्टरों और रिकॉर्ड की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कर्मचारियों को सभी दस्तावेजों को नियमों के अनुसार बनाए रखने और अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने पत्राचार फाइलों, आवक-जावक रजिस्टरों, इंडेक्स रजिस्टरों, रसीद रजिस्टरों, प्रेषण रजिस्टरों, गार्ड फाइलों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड के रखरखाव के संबंध में विशिष्ट निर्देश जारी किए। वित्तीय निगरानी के संबंध में, जिलाधिकारी ने कैश बुक को नियमित रूप से अपडेट करने, नज़ीर रसीद और कैश रजिस्टर का उचित रखरखाव करने तथा बैंक चेक रजिस्टर और अग्रिम रजिस्टर को अपडेट करने का आदेश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि लंबित अग्रिम राशि का समायोजन स्थापित नियमों के अनुसार तुरंत किया जाए। बिल रजिस्टर, आवंटन रजिस्टर, एसी-डीसी बिल और कोर्ट केस के रिकॉर्ड के निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि लंबित बिलों का भुगतान शीघ्रता से किया जाए। इसके अलावा, जिलाधिकारी ने कर्मचारियों की सर्विस बुक, छुट्टी के रजिस्टर, स्टोर रजिस्टर, उपस्थिति रजिस्टर और बायोमेट्रिक उपस्थिति रिकॉर्ड की जांच की। उन्होंने आदेश दिया कि सभी रजिस्टरों को नियमित रूप से अपडेट किया जाए और कार्यालय रिकॉर्ड को व्यवस्थित व सुरक्षित तरीके से रखा जाए। जिलाधिकारी ने यह भी आदेश दिया कि अनावश्यक और निष्क्रिय बैंक खातों को तुरंत बंद किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बैंक खातों और कैश बुक का हर महीने मिलान और उन्हें अपडेट किया जाना चाहिए। पुरानी और निष्क्रिय फाइलों को सक्रिय फाइलों से अलग किया जाए और आसानी से ढूंढने के लिए एक तय, सुरक्षित स्थान पर रखा जाए। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि नियमित निगरानी के साथ स्थापित प्रक्रियाओं का पालन करते हुए रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने विभागीय जांच के अपर कलेक्टर को नज़रअत शाखा के काम और रिकॉर्ड की नियमित निगरानी और निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। एनडीसी को भी शाखा के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा और निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को कड़े निर्देश देते हुए सभी कार्यालय कार्यों में पारदर्शिता और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। निरीक्षण के दौरान विभागीय जांच के अपर कलेक्टर, नज़रअत शाखा के वरीय उप कलेक्टर और अन्य संबंधित कर्मी मौजूद थे।