गाड़ी की टंकी फुल न कराएं, हो सकता है बड़ा खतरा

MyBhagalpur Team22 September 20261 min read1 viewBusiness
गाड़ी की टंकी फुल न कराएं, हो सकता है बड़ा खतरा

उपभोक्ता मामले विभाग के कानूनी माप विज्ञान संभाग ने वाहन चालकों को गाड़ी की पेट्रोल टंकी को पूरी क्षमता तक न भरने की चेतावनी दी है। जारी सलाह के मुताबिक टंकी में पर्याप्त जगह छोड़ना जरूरी है ताकि ईंधन के फैलने और वाष्प के बनने के लिए जगह मिल सके और आग लगने के बड़े खतरों से बचा जा सके। सरकार ने सबसे पहले 6 मार्च 2023 को उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के एक सर्कुलर के जरिए इन सुरक्षा चिंताओं को उजागर किया था और 22 सितंबर 2026 की हालिया रिपोर्टों में भी इस सलाह को दोहराया गया है। जीरोमाइल स्थित हरिओम फ्यूल सेंटर के सुमनजी समेत विशेषज्ञों का कहना है कि वाहन निर्माता जानबूझकर सुरक्षा बफर के साथ टंकी डिजाइन करते हैं और अक्सर ऐसी क्षमता बताते हैं जो आवश्यक विस्तार स्थान को खाली रखने के लिए भौतिक मात्रा से 15 से 20 प्रतिशत कम होती है।

नुकसान और प्रदूषण

ओवरफिलिंग से आग के अलावा और भी कई जोखिम होते हैं। अतिरिक्त ईंधन वाहन की वाष्पशील उत्सर्जन प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है जिसमें चारकोल कनस्तर, ट्यूब, वाल्व और सेंसर शामिल हैं। ऐसे नुकसान के कारण अक्सर चेक इंजन लाइट जल जाती है, गाड़ी को स्टार्ट करने में परेशानी होती है और महंगे सुधार का खर्च उठाना पड़ता है। इसके अलावा, ओवरफिलिंग से पंप में स्पिलवेज या ओवरफ्लो के जरिए ईंधन की बर्बादी होती है जिससे मिट्टी, पानी और हवा का प्रदूषण भी होता है। सरकार यह भी स्पष्ट करती है कि भूमिगत स्टेशन टैंकों में जमा पेट्रोल कम तापमान पर रहता है और वाहन में ट्रांसफर होने के बाद गर्म होने पर फैलता है इसलिए सुरक्षा बनाए रखने के लिए टंकी के भीतर निर्धारित खाली जगह की आवश्यकता होती है।

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