फतेहपुर थाना क्षेत्र की एक विवाहिता ने दहेज उत्पीड़न, मारपीट और दिव्यांग बेटे के साथ घर से निकाले जाने का गंभीर आरोप लगाते हुए महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इस मामले में पुलिस ने पति समेत पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। - महिला ने चार साल पहले परिवार की रजामंदी से प्रेम विवाह किया था - पति चेन्नई में नौकरी करता है और परिवार के बहकावे में आकर दहेज की मांग करता है - चार साल का बेटा शारीरिक रूप से दिव्यांग है, जिसे लेकर भी ताने दिए जाते थे - 27 अगस्त को घर से मारपीट कर भगा दिया गया और 10 लाख रुपये की मांग की गई
विवाहिता के अनुसार, उसकी शादी चार साल पहले फतेहपुर इलाके के एक निवासी के साथ हुई थी। शादी के कुछ ही समय बाद उसके पति और ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर उसके साथ मारपीट करना शुरू कर दिया।
शिकायतकर्ता ने बताया कि उसका चार साल का बेटा शारीरिक रूप से दिव्यांग है और ससुराल वाले बच्चे की इस स्थिति को लेकर भी उसे लगातार परेशान करते थे।
महिला ने आरोप लगाया कि उसका पति वर्तमान में चेन्नई में काम करता है, लेकिन वह अपने परिवार के प्रभाव में आकर मायके से दहेज लाने का दबाव बनाता है।
27 अगस्त की सुबह जब वह अपने बेटे को खाना खिला रही थी, तब उसकी सास और चार अन्य पारिवारिक सदस्यों ने उनके साथ मारपीट की और दोनों को घर से बाहर निकाल दिया। आरोपियों ने 10 लाख रुपये दहेज की मांग की और मांग पूरी न होने पर पति की दूसरी शादी कराने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता अपने बच्चे के साथ मायके आ गई। महिला थाना की थानाध्यक्ष (एसएचओ) सुनीता कुमारी ने पुष्टि की है कि महिला के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और घरेलू हिंसा के इस मामले की जांच फिलहाल जारी है।