भागलपुर के एकचारी प्लस टू हाई स्कूल में वित्तीय गड़बड़ी की शिकायतों की जांच के लिए 3 सितंबर 2026 को शिक्षा विभाग की एक टीम ने छापेमारी की। यह जांच 1 लाख 90 हजार रुपये के गबन के आरोपों पर केंद्रित है, जिसमें दावा किया गया है कि छात्र किट के लिए मिले पैसों का इस्तेमाल अलमारी खरीदने में किया गया। प्राथमिक जांच में भारी वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं। निरीक्षण टीम ने सखी हेल्प डेस्क, स्कूल कंपोजिट ग्रांट, टीचिंग लर्निंग मटेरियल फंड, सीएसआर फंड और सरकारी अनुदान व निर्माण कार्य से जुड़े वाउचर की जांच की। स्कूल परिसर की भौतिक जांच में भी रख-रखाव खराब मिलने की बात सामने आई है।
स्कूल प्रबंधन समिति के संयुक्त सचिव, सहायक सचिव और कोषाध्यक्ष द्वारा 1 जुलाई को की गई औपचारिक शिकायत के बाद यह जांच शुरू हुई। आरोपों के मुताबिक, स्कूल के पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम यानी PFMS खाते से 1,90,000 रुपये अवैध रूप से निकाले गए, जिसमें स्कूल ग्रांट से 1,47,000 रुपये और टीएलएम फंड से 43,000 रुपये शामिल हैं।
आरोप है कि इन पैसों का इस्तेमाल छात्र कल्याण या स्कूल विकास के लिए नहीं किया गया।छापेमारी से पहले, समग्र शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी बबीता कुमारी ने स्कूल के प्रधानाध्यापक को सभी वित्तीय दस्तावेजों के साथ बिंदुवार स्पष्टीकरण देने के लिए बुलाया था। विभाग ने सरकारी फंड के दुरुपयोग की व्यापक जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों ने कहा है कि पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए एक विशेष समिति बनाई जाएगी।