भागलपुर जिला के हलसी थाना क्षेत्र के कैनी गांव में रविवार सुबह जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में 70 वर्षीय बुजुर्ग सीताराम महतो की मौत हो गई। मृतक की पहचान स्व. दरवारी महतो के बेटे सीताराम महतो के रूप में हुई है। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस खबर में मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: - जमीन विवाद को लेकर सीताराम महतो और अर्जुन महतो के बीच पुराना झगड़ा था। - रविवार सुबह करीब 10:00 बजे सीताराम महतो और उनकी बहू सरोज देवी खेत जोतने गए थे। - मिट्टी का ढेला लगने से सीताराम महतो की मौके पर ही तबीयत बिगड़ गई और वह गिर पड़े जिससे उनकी मौत हो गई। - घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने जीरो माइल के पास लखीसराय-सिकंदरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। - पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाया और जाम खुलवाया।
मृतक की बहू सरोज देवी ने बताया कि उनके ससुर सीताराम महतो और अर्जुन महतो के बीच एक कट्ठा जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। रविवार की सुबह करीब 10:00 बजे सीताराम महतो और सरोज देवी खेत पर गए थे। जब उनका ट्रैक्टर खेत तक नहीं पहुंच पाया, तो सीताराम फावड़े से रास्ता खोदने लगे। सरोज देवी ने आरोप लगाया कि तभी रिश्तेदार अरविंद महतो की पत्नी ममता Devi वहां पहुंची और जमीन पर अपना मालिकाना हक जताते हुए काम रोकने की कोशिश की। सरोज देवी ने आगे आरोप लगाया कि ममता देवी ने गंदी गालियां दीं और सीताराम महतो को मिट्टी का एक ढेला फेंककर मारा, जो उनके निजी अंगों पर लगा, जिससे वे अनाथ होकर गिर पड़े और उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने जीरो माइल के पास लखीसराय-सिकंदरा मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। इस जाम के कारण गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय यातायात पूरी तरह ठप हो गया। रामगढ़ चौक थाना अध्यक्ष चुनु कुमार, हलसी थाना अध्यक्ष राजेश कुमार रंजन और अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। पुलिस के काफी समझाने-बुझाने के बाद सड़क को खाली कराया गया।
परिजनों ने बताया कि अर्जुन महतो और ममता देवी के साथ पहले भी रास्ते को लेकर और नहाने तथा कपड़े धोने के लिए आम गली के इस्तेमाल को लेकर विवाद हो चुका था। इस जमीन विवाद को सुलझाने के लिए पुलिस पहले भी गांव आ चुकी थी, लेकिन मामला सुलझ नहीं पाया था। हलसी थाना अध्यक्ष राजेश कुमार रंजन ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम के आने तक घटनास्थल को सील कर दिया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मौत के कारणों को लेकर लगाए गए आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और गहन जांच के बाद ही सही कारणों का पता चल पाएगा।