किशनगंज में विदेश नौकरी के नाम पर ठगी, युवाओं से धोखाधड़ी

MyBhagalpur Team20 August 20262 min read48 viewsSad/Bad
किशनगंज में विदेश नौकरी के नाम पर ठगी, युवाओं से धोखाधड़ी

किशनगंज जिले में विदेश में नौकरी का झांसा देकर चार युवाओं के साथ ठगी का मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे इलाके में चिंता की लहर दौड़ गई है। - कोचाधामन प्रखंड के चार युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा गया। - मानव तस्कर और फर्जी एजेंट स्थानीय युवाओं को सुनहरे भविष्य का सपना दिखाकर उनकी गाढ़ी कमाई ठगते हैं। - 2022 में भी ऐसा ही मामला आया था जिसमें दो इंजीनियरों को बंधक बनाकर जबरन काम कराया गया था। - यह फर्जी नेटवर्क जिले में पिछले 14 साल से सक्रिय है।

नौकरी का झांसा देकर ठगी

किशनगंज जिले के कोचाधामन प्रखंड के चार युवाओं को विदेश में रोजगार का झांसा देकर ठगे जाने की खबर से हड़कंप मच गया है। यह घटना एक बार फिर उन मानव तस्करों और फर्जी एजेंटों की सक्रियता को उजागर करती है, जो कमजोर स्थानीय युवाओं को बेहतर भविष्य का सपना दिखाकर फंसाते हैं। इसके कारण अक्सर पीड़ितों को अपनी जीवनभर की जमापूंजी से हाथ धोना पड़ता है और उनकी जान भी खतरे में पड़ जाती है।

पुराने मामले और पुलिस की कार्रवाई

यह कोई इकलौती घटना नहीं है। साल 2022 में एक बड़े धोखाधड़ी के मामले में पोठिया प्रखंड और किशनगंज सदर प्रखंड की दौला पंचायत के दो इंजीनियर शामिल थे। उस मामले में एजेंटों ने पीड़ितों को विदेश के शहरों में नौकरी का वादा किया था, लेकिन उन्हें दूसरी जगहों पर भेज दिया गया। वहां उन्हें बंधक बनाकर शुरुआती समझौतों के विपरीत काम करने के लिए मजबूर किया गया। पीड़ितों के परिवारों ने तत्कालीन कोचाधामन विधायक मुजाहिद आलम से मदद मांगी थी, जिसके बाद तत्कालीन एसपी डॉ. इनामुल हक मेंगनु ने हस्तक्षेप किया और भारत में उनकी सुरक्षित वापसी के प्रयास शुरू किए।

14 साल पुराना है ठगी का नेटवर्क

सबूत बताते हैं कि यह फर्जी नेटवर्क जिले में 14 साल से अधिक समय से सक्रिय है। चौदह साल पहले भी ऐसा ही मामला सामने आया था जिसमें कोचाधामन प्रखंड के युवाओं से लाखों रुपये की ठगी की गई थी। उस मामले में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना दी गई थी और उन्होंने पीड़ितों की मदद के लिए कार्रवाई की थी।

फर्जी एजेंटों का काम करने का तरीका

इस गिरोह के काम करने के तरीके की जांच से एक जैसा पैटर्न सामने आया है। एजेंट युवाओं को अच्छी सैलरी और शानदार पदों का लालच देते हैं। विदेश पहुंचने पर पीड़ितों को अलग और बेहद कठिन शारीरिक काम सौंप दिए जाते हैं। कई मामलों में एजेंट पीड़ितों के पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज छीन लेते हैं, जिससे वे एक तरह से कैद जैसी स्थिति में रहने को मजबूर हो जाते हैं।

स्थानीय लोगों की मांग

स्थानीय निवासी अब पुलिस प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि जिले के युवाओं को आगे ठगी का शिकार होने से बचाने के लिए इन फर्जी एजेंटों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

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