भागलपुर में बड़ा हादसा! बाढ़ के पानी में डूबने से एक ही परिवार के पांच लोगों की मौत

भागलपुर के बाइपास थाना क्षेत्र के कोयली खुटा गांव में 10 सितंबर 2026 को बाढ़ के पानी में डूबने से पांच लोगों की मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा उस समय हुआ जब सभी लोग खेत की तरफ जा रहे थे और गंगा के बाढ़ के पानी से भरे रास्ते में फंस गए।
- मृतकों में मां और उनके तीन बच्चे शामिल हैं।
- एक पड़ोसी बच्ची की भी इस हादसे में मौत हुई है।
- एक अन्य व्यक्ति की हालत गंभीर है और उसका इलाज मायागंज अस्पताल में चल रहा है।
- भागलपुर जिले में बाढ़ के हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं।
घटना की पूरी जानकारी
मृतकों की पहचान मंचो देवी (मां), सोनल कुमारी (बेटी), प्रिंस कुमार (बेटे), अभिषेक कुमार (बेटा) और पड़ोसी अंशु प्रिया (होमगार्ड जवान की बेटी) के रूप में हुई है। यह घटना तब शुरू हुई जब पानी में एक व्यक्ति डूबने लगा और उसे बचाने की कोशिश में बाकी लोग भी गहरे पानी में चले गए और डूब गए। डीएसपी नवनीत कुमार ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों ने शवों को निकालकर मायागंज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने सभी को मृत घोषित कर दिया।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया और राहत कार्य
गोराडीह के अंचल अधिकारी कुमार शिवम ने बताया कि ऐसी रिपोर्ट है कि कुछ लोग बाढ़ के पानी में नहा रहे थे तभी वे गहरे पानी में फिसल गए। घटना के बाद स्थानीय पुलिस और पंचायत मुखिया मौके पर और अस्पताल पहुंचे, और अधिकारियों ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भागलपुर की जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडेय और शाहकुंड की अंचल अधिकारी हर्षा कोमल बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। डीएम पांडेय ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने के सख्त निर्देश दिए हैं।
बाढ़ का विकराल रूप
क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति गंभीर है और एनएच-80 के दोनों तरफ पानी का स्तर 10 फीट से ऊपर है। जिला जनसंपर्क अधिकारी की 9 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 13 प्रशासनिक जोन, 92 पंचायतें और 376 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं, जिससे कुल 635,387 लोग प्रभावित हुए हैं। राहत कार्यों के लिए 101 नावें तैनात की गई हैं और एसडीआरएफ व एनडीआरएफ की टीमें सक्रिय हैं। इससे पहले 6 सितंबर 2026 को डीएम पांडेय ने बताया था कि 56 पंचायतों और 178 गांवों के 217,811 लोग प्रभावित थे।
अधिकारियों का निरीक्षण और जनता की मांग
भागलपुर के प्रभारी सचिव आईएएस दीपक आनंद ने हाल ही में बाढ़ राहत शिविरों का दौरा किया और बच्चों के लिए दूध की आपूर्ति में लापरवाही बरतने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। स्थानीय निवासी अब जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि खतरनाक और जलभराव वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई जाए और सुरक्षा बढ़ाई जाए।