भागलपुर में गंगा नदी की तेज धारा से राघोपुर जमींदारी बांध को लगातार नुकसान पहुंच रहा है। इसे बचाने के लिए स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने बड़े पैमाने पर बाढ़ से बचाव का काम शुरू किया है। इस राहत कार्य से कटिहार, पूर्णिया, खगड़िया और गोपालपुर समेत चार जिलों के लगभग एक हजार बेरोजगार युवाओं को अस्थाई रोजगार मिला है। गोपालपुर रिंग बांध से कटाव स्थल तक बालू की बोरियां पहुंचाई जा रही हैं। इस काम में करीब एक हजार ट्रैक्टर लगाए गए हैं। बांध को टूटने से बचाने के लिए ये ट्रैक्टर दिन-रात काम कर रहे हैं।
ट्रैक्टर चालक रवि यादव ने बताया कि चालकों को हर चक्कर के लिए लगभग 1800 रुपये मिलते हैं। रास्ते के जाम के हिसाब से चालक दिनभर में तीन से चार चक्कर लगा लेते हैं। इससे उनकी रोजाना की कमाई 4000 से 5000 रुपये हो जाती है। प्रमोद यादव और कारू मंडल समेत कई मजदूरों ने बताया कि बाढ़ राहत का काम मिलने से पहले वे बेरोजगार बैठे थे, जिससे उन्हें अब कमाई का जरिया मिल गया है।
एक अन्य चालक अभय कुमार ने बताया कि रास्तों पर लगने वाले जाम से कभी-कभी फेरे कम हो जाते हैं। इसके बावजूद बालू की लगातार मांग के कारण ट्रैक्टर मालिकों और चालकों दोनों की आमदनी बनी हुई है। नदी पर दबाव बना हुआ है और प्रशासन बांध को मजबूत करने में जुटा है। वहीं स्थानीय मजदूरों के जुड़ने से बाढ़ से बचाव का काम काफी तेज हो गया है।