भागलपुर में खुरपका-मुंहपका बीमारी से मवेशी परेशान, दूध उत्पादन में भारी गिरावट

भागलपुर के महेशपुर-घनश्यामचक पंचायत में खुरपका-मुंहपका बीमारी (FMD) से मवेशी बेहाल हैं और स्थानीय डेयरी किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। पिछले 15 से 20 दिनों से खीरीदार, वंगांव, खुर्दबुंदी, फरीदुमपुर और महेशपुर गांवों में गाय और भैंसें इस बीमारी की चपेट में हैं। पीड़ित जानवरों के मुंह और खुर में छाले हो गए हैं, जिससे उन्हें चारा खाने और चलने में परेशानी हो रही है। इससे दूध उत्पादन में 80 से 90 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। किसानों का कहना है कि जो मवेशी पहले आठ लीटर दूध देते थे, वे अब केवल दो लीटर दूध दे रहे हैं। जानवरों के इलाज के लिए किसानों को प्रति मवेशी करीब 4,000 रुपये या उससे अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक संकट बढ़ गया है। इस संकट के कारण मवेशियों की मौत भी हुई है, जिसमें स्थानीय किसान संतोष कुमार की एक गर्भवती गाय भी शामिल है। तुरंत राहत पाने के लिए किसान तत्काल पशु चिकित्सा सहायता और टीकाकरण अभियान बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।