भागलपुर में गंगा कटाव से तबाही, बेटी की शादी के पैसे से खरीद रहे राशन

भागलपुर जिला के गोपालपुर प्रखंड की राघोपुर पंचायत का छोटी अललपुर गांव भयानक बाढ़ और कटाव से जूझ रहा है। गंगा नदी के कटाव से लोगों के घर और आजीविका खतरे में हैं। फसलें बर्बाद होने के बाद लोग अपनी बेटियों की शादी के लिए बचाए गए पैसों से दो वक्त का राशन खरीदने को मजबूर हैं। इस संकट से बच्चे और बुजुर्ग भूखे हैं, वहीं बिजली गुल होने और सांप-बिच्छू के डर से ग्रामीण पूरी रात जागकर पहरा दे रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह स्थिति 2008 की बाढ़ से भी ज्यादा भयानक है, जिसमें ऐतिहासिक चेती दुर्गा मंदिर भी नदी में समा गया।
गंगा का जलस्तर और प्रभावित परिवार
शुक्रवार सुबह गंगा का जलस्तर 33.50 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान 33.68 मीटर से सिर्फ 18 सेंटीमीटर नीचे है। राघोपुर पंचायत के पांच गांवों में ही 1,005 परिवारों के 5,011 लोग इस कटाव से प्रभावित हुए हैं। राघोपुर प्रखंड की सभी 20 पंचायतों में करीब 300,000 लोग प्रभावित हैं और 75 गांवों का मुख्य सड़क संपर्क टूट गया है। राघोपुर के सरपंच प्रमोद मंडल ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है और आरोप लगाया है कि लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी कटावरोधी कार्य विफल रहे हैं।
सरकारी राहत कार्य और प्रशासनिक कदम
प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी हैं। अपर जिला दंडाधिकारी आपदा कुंदन कुमार ने बताया कि 91 सामुदायिक शौचालय, 20 व्यक्तिगत शौचालय, 28 चापानल और 14 शेड बनाए गए हैं। साथ ही 20 जगहों पर पानी की जांच की जा रही है। 24 अगस्त से सामुदायिक रसोई के जरिए 62,698 पीड़ितों को खाना खिलाया गया है। बीडीओ मोना कुमारी सोनी ने स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी सूची में बदलाव किया है और राहत शिविरों में छेड़छाड़ की शिकायतों के बाद रात की पाली में महिलाओं की जगह पुरुषों की ड्यूटी लगाई है। नवगछिया के इस्माइलपुर अंचल में गणेश बसा, साहू ईंट भट्ठा और जाह्नवी चौक पर राहत केंद्र बनाए गए हैं जहां भोजन, स्वास्थ्य सेवाएं और पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
नेताओं का दौरा और राजनीतिक आरोप
ऊर्जा मंत्री और सड़क निर्माण मंत्री इस क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं जो उनका पैतृक गांव और विधानसभा क्षेत्र भी है। वहीं भागलपुर के सांसद अजय मंडल ने कटावरोधी परियोजनाओं में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और इंजीनियरों तथा जल संसाधन विभाग की जांच की मांग की है। गंगा कटाव को रोकने के लिए जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता मनीष कुमार ने जयप्रभा नगर से नदी के किनारे को मजबूत करने के लिए बालू की बोरियां लगाने का निर्देश दिया है ताकि बची हुई जमीन और पास की रेलवे लाइन को बचाया जा सके।