भागलपुर के सबौर में गंगा कटाव का कहर, सौ से अधिक परिवार हुए बेघर

भागलपुर के सबौर ब्लॉक में गंगा नदी के कटाव से चार साल बाद भी प्रभावित परिवारों को पक्का पुनर्वास नहीं मिला है। अंग्रेजी गांव, मसाढू, छयनचक, फरका और आसपास के इलाकों में पिछले चार साल में सौ से अधिक घर नदी में समा चुके हैं। कई बेघर परिवार इस समय सबौर ब्लॉक कार्यालय के जर्जर परिसर में रह रहे हैं।
बेघर हुए लोगों में शंकर पासवान, पिंटू पासवान, बुगेेश, संतोष और मनोज पासवान ने बताया कि प्रशासन ने बार-बार पक्के बसाव का वादा किया है, लेकिन कोई ठोस इंतजाम नहीं किया गया है। ये परिवार जर्जर सरकारी परिसर के अंदर भोजन, पीने के पानी और पर्याप्त आश्रय की भारी कमी का सामना कर रहे हैं।
शनिवार रात फिर हुआ कटाव
शनिवार रात अंग्रेजी गांव में हुए नए कटाव से 15 और परिवार बेघर हो गए, जिनमें से कुछ ने सबौर ब्लॉक कार्यालय परिसर में शरण ली। इन पीड़ितों के पास फिलहाल पर्याप्त अनाज, साफ पीने का पानी और आश्रय नहीं है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के लिए हालात खतरनाक बने हुए हैं। निवासियों ने जोर देकर कहा कि राहत सामग्री केवल अस्थायी है, और वे भविष्य के कटाव के मौसम में बार-बार आने वाले संकट से बचने के लिए सुरक्षित जमीन पर पक्के पुनर्वास की मांग कर रहे हैं।
प्रशासन का बयान
सबौर की अंचल अधिकारी दिव्या कुमारी ने बताया कि पुनर्वास का इंतजार कर रहे बेघर परिवारों की सही संख्या का पता लगाने के लिए जांच की जाएगी, और उनके पक्के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।