भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी के भीषण कटाव से रघुपुर-काजीकोरेया तटबंध को बड़ा खतरा पैदा हो गया है। इस खबर में मुख्य बातें निम्नलिखित हैं: - शुक्रवार रात से शनिवार शाम के बीच 20 मीटर और तटबंध नदी में गिरा - कुल कटाव क्षेत्र बढ़कर 220 मीटर हुआ - पुरानी रेलवे लाइन पर मंडराया खतरा, सुरक्षा कार्य शुरू - जनरेटर लोड ट्रैक्टर नदी में बहा - डीएम अलंकृता पांडे ने किया स्थिति का निरीक्षण
शुक्रवार देर रात से शनिवार शाम के बीच
20 मीटर अतिरिक्त तटबंध नदी में समा गया, जिससे कुल कटाव की लंबाई अब 220 मीटर हो गई है। नदी का तेज बहाव अब गांव की तरफ मुड़ रहा है, जिससे पास की पुरानी रेलवे लाइन पर सीधा खतरा आ गया है। जल संसाधन विभाग ने आगे के नुकसान को रोकने के लिए रेलवे लाइन के पास बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
संपत्ति के नुकसान की घटनाएं भी सामने आई हैं। शुक्रवार देर रात
जनरेटर लोड एक ट्रैक्टर नदी के तेज बहाव में बह गया। यह ट्रैक्टर तटबंध क्षेत्र को बिजली दे रहा था। चालक के खाना खाने जाने के दौरान जमीन धंसने से यह ट्रैक्टर नदी में गिर गया।
जिला पदाधिकारी
अलंकृता पांडे ने स्थिति का जायजा लेने के लिए शनिवार को रघुपुर गांव का दौरा किया और जल संसाधन विभाग की टीम को जरूरी निर्देश दिए। अपनी यात्रा के दौरान, जिलाधिकारी ने रघुपुर पंचायत में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए चल रहे चार सामुदायिक रसोई और पांच स्वास्थ्य शिविरों का निरीक्षण किया। उन्होंने सामुदायिक रसोई के सुपरवाइजरों और मेडिकल स्टाफ से बात की और भोजन की गुणवत्ता तथा जरूरी सेवाओं की उपलब्धता की जांच करने के लिए प्रभावित लोगों से बातचीत की। निरीक्षण के बाद, जिला पदाधिकारी ने खरीक की बीडीओ मोना कुमारी सोनी और सीओ प्रवीण कुमार वत्स सहित स्थानीय अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए।