भागलपुर में उफान पर गंगा: एनएच-80 पर बाढ़ का पानी

भागलपुर और सुल्तानगंज के बीच नेशनल हाईवे 80 (एनएच-80) के दोनों तरफ गंगा नदी का बाढ़ का पानी जमा होने लगा है। इससे आवागमन और खेती को लेकर चिंता बढ़ गई है। 23 अगस्त 2026 तक भागलपुर में गंगा का जलस्तर 33.10 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर है। पानी करीब 1.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। सुल्तानगंज में नदी खतरे के स्तर से 89 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है, जबकि कहलगांव में यह खतरे के निशान से 09 सेंटीमीटर ऊपर है।
- भागलपुर में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 42 सेंटीमीटर ऊपर पहुंचा
- एनएच-80 पर भवनाथपुर के पास बह रहा है दो फीट पानी, यातायात ठप
- नाथनगर क्षेत्र में हजारों एकड़ धान की फसल डूबी, चारे का संकट
- आपदा प्रबंधन विभाग ने निचले इलाकों से लोगों को निकालने के लिए उतारी नावें
फसलों को नुकसान और यातायात थमा
बढ़ते बैकवाटर ने नाथनगर क्षेत्रों में हजारों एकड़ धान की फसलों को डुबो दिया है। इसका असर खासतौर पर चंपानाला, दोगच्छी, भवनाथपुर और अकबरनगर पर पड़ा है। इस जलभराव के कारण किसान अपने मवेशियों के लिए हरा चारा जुटाने में परेशान हो रहे हैं। रिपोर्ट से पता चलता है कि भवनाथपुर के पास एनएच-80 पर लगभग 2 फीट पानी बह रहा है। इसके कारण प्रभावित क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही रोकनी पड़ी है।
प्रशासन की तैयारी और अलर्ट
भागलपुर में जल संसाधन विभाग के बाढ़ नियंत्रण प्रभाग के कार्यकारी इंजीनियर आदित्य प्रकाश ने जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी की पुष्टि की है। इसके जवाब में, आपदा प्रबंधन विभाग ने निचले इलाकों से निवासियों को सुरक्षित निकालने के लिए नावें तैनात की हैं और नदी के किनारे रहने वालों को अलर्ट जारी किया है।
इसके अलावा, मौसम विभाग ने 23 अगस्त 2026 के लिए बिहार सहित 25 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है। पटना से भागलपुर तक के प्रशासनिक अधिकारियों को 22 से 26 अगस्त की अवधि के लिए हाई अलर्ट पर रखा गया है। बढ़ते खतरे को देखते हुए ग्रामीण फिलहाल जरूरी सामान, अनाज और पशुओं का चारा सुरक्षित, ऊंचे स्थानों पर ले जा रहे हैं।