भागलपुर में गंगा नदी का भयंकर कटाव, खतरे में 43 घर

भागलपुर जिला के खरीक प्रखंड की रघुपुर पंचायत के छोटी अलालनपुर और शंकरपुर गांवों में गंगा नदी का भयंकर कटाव जारी है। 12 अक्टूबर 2026 तक नदी 40 से 120 फीट की गहराई तक जमीन काट रही है, जिससे करीब 150 मीटर जमीन और 50 मीटर तटबंध प्रभावित हुआ है। नदी में अब तक 13 घर पूरी तरह समा चुके हैं और 43 घर खतरे की जद में हैं।
मुख्य बातें:
- 12 अक्टूबर 2026 तक गंगा नदी में कटाव जारी रहा।
- 13 घर पूरी तरह नदी में समा गए।
- 43 घर अभी भी खतरे की चपेट में हैं।
- जिला प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
मकान ताश के पत्तों की तरह बहे
बीते दो दिनों में छोटी अलालनपुर में कई बहुमंजिला पक्के मकान नदी की तेज धारा में विलीन हो गए। जब बाढ़ नियंत्रण विभाग के अधिकारी महादेवपुर घाट का मुआयना कर रहे थे, तभी इंजीनियरों के सामने ही एक मकान नदी में गिर गया और उन्होंने बाल-बाल अपनी जान बचाई।
प्रशासन का निरीक्षण और निर्देश
11 अक्टूबर 2026 को भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पांडे ने नौगछिया एसपी वैभव शर्मा, एसडीपीओ संयम रजा, डीसीएलआर शैलेंद्र सिंह, कार्यपालक मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और खरीक सीओ प्रवीण वत्स के साथ मिलकर मौके पर जांच की। डीएम पांडे ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से पूछा कि कटाव रोकने के लिए जियो-बैग और मेगा-बैग का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया और तुरंत सुरक्षा कार्य तेज करने का आदेश दिया। प्रशासन लाउडस्पीकर से लोगों को चेतावनी दे रहा है और राहत शिविरों में जाने की अपील कर रहा है।
स्थानीय लोगों का गुस्सा
रघुपुर में लगभग 65 परिवार बेघर होने की कगार पर हैं और 40 से 50 घर प्रभावित हुए हैं, जिनमें चार पूरी तरह तबाह पक्के घर और दस अन्य घरों में दरारें आ चुकी हैं। जल संसाधन विभाग का कहना है कि मुश्किल हालात में काम चल रहा है, लेकिन कड़ोलिया धार की तरफ नदी की मुख्य धारा मुड़ने से खतरा बढ़ गया है। स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में कटाव रोकने के नाम पर एक अरब रुपये से ज्यादा खर्च होने के बाद भी कई प्रभावित इलाकों की अनदेखी की गई है।