नौगछिया में गंगा नदी के भीषण कटाव से राघोपुर-खैरपुर जमींदारी बांध का 150 मीटर हिस्सा बह गया है। इससे थाना बिहपुर-महादेवपुर रेलवे लाइन पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अगर बचा हुआ 70 मीटर बांध भी टूट गया, तो रेलवे लाइन को सीधा खतरा होगा और बड़ा रेल हादसा या यातायात बाधित हो सकता है। जल संसाधन विभाग ने बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
इस काम के लिए इंजीनियर-इन-चीफ के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई है, जिसमें दो सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर, दो एक्सक्यूटिव इंजीनियर और दो असिस्टेंट इंजीनियर शामिल हैं। पटना की एक तकनीकी टीम भी मौके पर नजर रखे हुए है। विभाग 100 मीटर के दायरे में नदी के दबाव को कम करने की कोशिश कर रहा है। जिला मजिस्ट्रेट अलंकृता पांडेय ने हाल ही में राघोपुर का दौरा किया और बाढ़ नियंत्रण उपायों को योजना के तहत पूरा करने का आदेश दिया।
नदी की मुख्य धारा बांध के पास होने से दबाव बढ़ गया है, लेकिन जलस्तर स्थिर होने से अधिकारी उम्मीद में हैं।
इंजीनियर-इन-चीफ वरुण कुमार ने कहा कि रेलवे लाइन की सुरक्षा प्रशासन का मुख्य लक्ष्य है। इस संकट पर उच्च स्तर पर नजर रखी जा रही है, और 24 अगस्त को मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया था। बाढ़ के पानी से राघोपुर में ऊर्जा मंत्री बुलों मंडल का घर भी प्रभावित हुआ है। जिला आपदा प्रबंधन विभाग स्थानीय लोगों के लिए राहत कार्य चला रहा है, और 28 अगस्त 2026 तक स्थिति अधिकारियों के नियंत्रण में है।