साहिबगंज-बड़हरवा लाइन के साकरीगली-महाराजपुर रेल खंड पर गंगा नदी के किनारे कटान की वजह से पांचवें दिन भी ट्रेन का चलना बहुत ज्यादा प्रभावित है। चार अक्टूबर 2026 तक यह स्थिति बनी हुई है।
- उनसठ सितंबर 2026 से शुरू हुई इस समस्या के कारण नदी रेलवे ट्रैक से सिर्फ तेरह मीटर दूर आ गई है।
- डाउन लाइन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
- पूर्वी रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने बताया कि यह ट्रैफिक रोक पांच अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी।
डाउन लाइन बंद होने के बावजूद, अप लाइन पर
तीस किलोमीटर प्रति घंटे की सीमित रफ्तार से थोड़ी ट्रेनें चलाई जा रही हैं। मालदा मंडल के डीआरएम मनीष गुप्ता ने दो और तीन अक्टूबर को मौके का जायजा लिया और कहा कि गंगा की तेज धारा के कारण हालात बहुत गंभीर हैं।
चार सौ पचास से ज्यादा रेलवे कर्मचारी, गैंगमैन, ट्रैकमेन और मजदूर दिन-रात लगातार काम कर रहे हैं। पटरी के पास की मिट्टी को बचाने के लिए बड़े पत्थर, तार के बक्से, स्लीपर और मिट्टी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्तीस सितंबर से पांच अक्टूबर 2026 के बीच इस बाधा की वजह से
संतावन अप लाइन ट्रेनें और इकसठ डाउन लाइन ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इसके अलावा, तैंतालीस ट्रेनों के रास्ते बदले गए हैं, चौदह ट्रेनों को बीच में ही रोका गया है और सोलह ट्रेनों को बीच के स्टेशनों से ही चलाया गया है। साहिबगंज-रामपुरहाट पैसेंजर और जमालपुर-रामपुरहाट पैसेंजर को अगले आदेश तक के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। किउल-मालदा एक्सप्रेस को अब साहिबगंज स्टेशन पर ही रोक दिया जा रहा है। जिन मुख्य गाड़ियों के रास्ते बदले गए हैं उनमें 13022 रक्सौल-हावड़ा एक्सप्रेस, 13024 गया-हावड़ा एक्सप्रेस, 13404 भागलपुर-रांची वनंचल एक्सप्रेस और 13072 जमालपुर-हावड़ा एक्सप्रेस शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि युद्धस्तर पर काम जारी है और यात्रियों की सुरक्षा सबसे पहले है।