सुल्तानगंज, भागलपुर में गंगा नदी का बढ़ता जलस्तर श्रावणी मेला व्यवस्था पर भारी पड़ रहा है। नमामि गंगे घाट पर पानी बढ़ने से कांवरियों को भारी परेशानी हो रही है।
- नमामि गंगे घाट पर केवल दो सीढ़ियां बची हैं बाकी डूब गई हैं
- मुख्य पीसीसी सड़क पर दो फीट से ज्यादा पानी बह रहा है
- पीएचईडी के नए शौचालय पानी भरने से बंद कर दिए गए हैं
- जर्मन-हेंगर टेंट और डाक प्रमाण पत्र काउंटर जलमग्न हो गए हैं
गंगा नदी उफान पर है और नमामि गंगे घाट पर केवल एक सीढ़ी और एक प्लेटफॉर्म ही पहुंच के लायक बचा है। इससे कांवरियों को स्नान करने और जल चढ़ाने में बहुत दिक्कत हो रही है। मुख्य पीसीसी सड़क पर दो फीट से ज्यादा पानी बह रहा है और रास्ते से दुर्गंध भी आ रही है। नेपाल के विराट नगर से आए भक्त नंदलाल Bam ने बताया कि पानी से चलने में थोड़ी परेशानी है, लेकिन भगवान शिव के प्रति उनकी आस्था के आगे यह कुछ नहीं है।
बाढ़ के पानी से जरूरी सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) द्वारा बनाए गए नए शौचालय पानी घुसने के कारण बंद कर दिए गए हैं, जिससे साफ-सफाई की समस्या हो रही है। मुरली पहाड़ी के पास के शौचालय भी पानी से घिर गए हैं और वहां तक पहुंचा नहीं जा सकता। कांवरियों के लिए लगाए गए आधुनिक जर्मन-हेंगर टेंट और डाक प्रमाण पत्र देने वाला काउंटर भी बढ़ते नदी के पानी में डूब गए हैं।