गंगा का जलस्तर घटने से बियाडा घाट पर स्टीमर परिचालन पर संकट, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

MyBhagalpur Team14 October 20262 min read0 viewsCity Local
गंगा का जलस्तर घटने से बियाडा घाट पर स्टीमर परिचालन पर संकट, प्रशासन ने संभाला मोर्चा

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बंद होने के बाद नवगछिया और भागलपुर के बीच की मुख्य जीवन रेखा बने बियाडा घाट पर यात्रियों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में गंगा नदी के जलस्तर में आई अचानक भारी गिरावट ने यहाँ स्टीमर सेवा के परिचालन पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। रेतीले किनारों और पानी की कमी के कारण स्टीमर अब घाट के मुख्य किनारे तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, जिससे रोज़ाना हज़ारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

विक्रमशिला सेतु पर आवागमन ठप होने की वजह से नौकरीपेशा लोग, छात्र, व्यापारी और गंभीर मरीज हर सुबह-शाम गंगा पार करने के लिए इसी बियाडा घाट स्टीमर सेवा पर निर्भर हैं। जलस्तर घटने के कारण स्टीमर घाट से काफी दूर ही रुक जाते हैं। ऐसे में यात्रियों को गहरे कीचड़ और रेत में लंबी दूरी तक पैदल चलना पड़ रहा है। यह स्थिति बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों के लिए बेहद कष्टदायक और खतरनाक साबित हो रही है।

जिला प्रशासन ने उठाया सख्त कदम


इस मानवीय संकट और घाट पर हर दिन उमड़ रही भारी भीड़ को देखते हुए भागलपुर जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आया है। किसी भी बड़े हादसे को रोकने और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए प्रशासन ने एक सख्त और बड़ा फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत स्टीमर का संचालन करने वाली तीनों अलग-अलग एजेंसियों को एक-एक जेटी आवंटित कर दी गई है। अब ये तीनों एजेंसियां केवल अपने लिए निर्धारित और आवंटित जेटी से ही स्टीमर का परिचालन कर सकेंगी।

इसके साथ ही जिला प्रशासन ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रियों की सुगम और सुरक्षित आवाजाही के लिए मजबूत व सुरक्षित रैंप बनाने की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं एजेंसियों की होगी। यदि रैंप सही न होने के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो संबंधित एजेंसी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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